Market Opening Outlook: डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड से बाजार पर दबाव

डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड से बाजार पर दबाव
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Dev Kapoor

Dev Kapoor

3 घंटे पहले

Share market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

5 घंटे पहले

Chhote vyapariyon ko bahut nuksan hoga isse.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

7 घंटे पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

7 घंटे पहले

Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

9 घंटे पहले

Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Anjali Patil

Anjali Patil

10 घंटे पहले

RBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.

Neel Saxena

Neel Saxena

11 घंटे पहले

Market mein itna uthar-chadhaav, investors pareshan hain.

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GIFT निफ्टी से तेजी के संकेत
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ होने के संकेत मिल रहे हैं। सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 54 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,630 पर कारोबार कर रहा था। एशियाई बाजारों में तेजी, नैस्डैक की रिकॉर्ड क्लोजिंग और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार का माहौल बेहतर हुआ है। हालांकि, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और जारी जियोपॉलिटिकल जोखिमों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

 

सोमवार को चार दिन की गिरावट थमी
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी देखने को मिली और निफ्टी ने लगातार चार सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा। सेंसेक्स 472.77 अंक यानी 0.66 प्रतिशत बढ़कर 72,382.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,555.75 पर पहुंचा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली।

 

FII की बिकवाली बनी चुनौती
विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। 5 अक्टूबर को FII ने 4,699 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस बिकवाली के मुकाबले 5,181 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे। घरेलू निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली सेंटीमेंट पर दबाव बनाए रख सकती है।

 

एशियाई बाजारों में तेजी
अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच मंगलवार को एशियाई बाजारों में बढ़त रही। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि जापान का निक्केई 0.7 प्रतिशत ऊपर रहा। यूरोपीय इक्विटी फ्यूचर्स में भी 0.5 प्रतिशत की तेजी देखी गई। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में नैस्डैक फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत और S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत ऊपर रहे।

 

नैस्डैक रिकॉर्ड हाई पर बंद
सोमवार को अमेरिकी बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों की तेजी ने प्रमुख इंडेक्स को मजबूती दी। Nvidia और Microsoft में बढ़त के बीच Nasdaq Composite 1.05 प्रतिशत बढ़कर 27,477.31 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया। S&P 500 में 0.66 प्रतिशत की बढ़त रही और यह 7,773.95 पर बंद हुआ, जबकि Dow Jones Industrial Average 0.18 प्रतिशत बढ़कर 51,267.90 पर पहुंचा।

 

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से राहत
पिछले सत्र में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। मध्य पूर्व से अधिक निर्यात और G7 की आपातकालीन स्टॉक जारी करने की योजना से सप्लाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं। कच्चे तेल में नरमी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए बाजार की धारणा को सहारा दे सकती है, हालांकि जियोपॉलिटिकल जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

 

निफ्टी के लिए 22,600 अहम स्तर
Enrich Money के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार से निकट अवधि में बाजार को सहारा मिल सकता है, लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और एनर्जी व शिपिंग रूट में संभावित रुकावट जोखिम बनाए रखेंगे। उनके अनुसार निफ्टी के लिए 22,600 तत्काल रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर टिकने पर रिकवरी 22,800 से 23,000 तक जा सकती है, जबकि नीचे 22,400 तत्काल सपोर्ट और 22,200 अगला अहम स्तर है।

 

RSI और कमजोर सेंटीमेंट पर नजर
LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के अनुसार निफ्टी को 22,600 के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक इंडेक्स का RSI अभी ओवरसोल्ड जोन में है और बेयरिश क्रॉसओवर बना हुआ है। 22,400 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर गिरावट का रुझान फिर लौट सकता है, जबकि 22,600 के ऊपर टिकने से बाजार को कुछ राहत मिल सकती है।

 

निवेशकों के लिए जोखिम बरकरार
ग्लोबल बाजारों में सकारात्मक संकेतों के बावजूद डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड, FII की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम भारतीय बाजारों के लिए अहम जोखिम बने हुए हैं। इसलिए मंगलवार की शुरुआत सकारात्मक रहने के संकेतों के बावजूद आगे की दिशा ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख तकनीकी स्तरों पर बाजार की प्रतिक्रिया से तय हो सकती है।

 

डिस्क्लेमर: यह खबर दिए गए स्रोत में मौजूद बाजार विश्लेषण और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसमें किसी निवेश को खरीदने या बेचने की व्यक्तिगत सलाह नहीं दी गई है। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

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3 घंटे पहले

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Aarav Sharma

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5 घंटे पहले

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Vihaan Patel

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Aarohi Chaudhary

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Paise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.

Yash Kulkarni

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Yeh decision business community ko buri tarah affect karega.

Anjali Patil

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Neel Saxena

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11 घंटे पहले

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