Stock Market Today: आज शेयर बाजार पर इन खबरों का दिखेगा असर

Aryan Malhotra
5 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Taushif Shekh
6 घंटे पहलेFinancial planning sochni hogi ab naye sir se.
Ishaan Tiwari
6 घंटे पहलेPaise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.
Yash Kulkarni
7 घंटे पहलेRBI aur government ko milkar iska hal nikalna chahiye.
Sneha Menon
8 घंटे पहलेShare market pe nazar rakhna zaroori ho gaya hai.
Kabir Shukla
9 घंटे पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
Sneha Menon
11 घंटे पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
Pranav Srivastava
12 घंटे पहलेPaise ka khel bahut risk bhara ho gaya hai, sambhal ke chalo.
आज बाजार के लिए क्या हैं अहम संकेत
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार की दिशा पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर देखने को मिल सकता है। उपलब्ध बाजार अपडेट के अनुसार, गिफ्ट निफ्टी में 80 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के दौरान मजबूत रिकवरी देखने को मिली। डाओ जोन्स 550 अंकों से अधिक चढ़ा और नैस्डैक तथा S&P 500 में भी बढ़त रही। एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुझान दिखाई दिया। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी रही, जबकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई। बाजार में ट्रेड लेने से पहले इन संकेतों के साथ शेयरों से जुड़ी ताजा खबरों और जोखिमों पर भी नजर रखना जरूरी है।
पिछले सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी
गुरुवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स 1,533.72 अंक यानी 2.11 प्रतिशत चढ़कर 74,315.61 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 374.65 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,997.35 पर पहुंच गया। ऑटो, आईटी, निजी बैंकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला। जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO से जुड़ी खबर भी निवेशकों के ध्यान में रही। हालांकि, पिछले सत्र की तेजी के आधार पर ही अगले सत्र की दिशा तय नहीं मानी जा सकती।
सेबी के नियमों और IT कंपनियों के नतीजों पर नजर
बाजार नियामक सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) से जुड़े बदलावों की घोषणा की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक्सपायरी के दिन सेटलमेंट के लिए पुराने VWAP सिस्टम का इस्तेमाल किए जाने और CAS की अवधि व समय में बदलाव की बात कही गई है। ये बदलाव 7 दिसंबर से लागू होने की जानकारी दी गई है। दूसरी ओर, टेक महिंद्रा के दूसरी तिमाही के नतीजे अनुमान के करीब बताए गए हैं। कंपनी के मुनाफे में 7 प्रतिशत और राजस्व में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज होने की जानकारी है। विप्रो की आईटी सर्विसेज राजस्व वृद्धि 0.9 प्रतिशत रही, जबकि तीसरी तिमाही के लिए कंपनी ने माइनस 1.5 प्रतिशत से 0.5 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान दिया। परसिस्टेंट सिस्टम्स के मुनाफे में गिरावट के बावजूद कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर राजस्व वृद्धि 7.8 प्रतिशत बताई गई है।
एंजेल वन और एलएंडटी फाइनेंस के नतीजे
दूसरी तिमाही में एंजेल वन का मुनाफा तिमाही आधार पर लगभग 44.7 प्रतिशत बढ़ा, जबकि राजस्व वृद्धि लगभग सपाट रही। उपलब्ध अपडेट में कंपनी के मार्जिन में 1,060 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का भी उल्लेख है। वहीं, एलएंडटी फाइनेंस का दूसरी तिमाही का मुनाफा 33 प्रतिशत बढ़ने की जानकारी दी गई है। खुदरा कारोबार में वृद्धि और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में बढ़ोतरी को इसकी प्रमुख वजहों में शामिल बताया गया है। इन कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है, लेकिन कारोबार से पहले नतीजों, प्रबंधन की टिप्पणियों और मौजूदा वैल्यूएशन का आकलन करना जरूरी है।
Jio IPO और चीनी की कीमतों में तेजी
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO को लेकर आकाश अंबानी और ईशा अंबानी के बयानों के बीच कंपनी की दीर्घकालिक योजनाओं, डिजिटल सेवाओं और तकनीकी विस्तार पर ध्यान रहा। उपलब्ध खबर में IPO के 21 अक्टूबर से खुलने और 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड का उल्लेख किया गया है। निवेशकों को आवेदन से पहले आधिकारिक दस्तावेजों में तारीखों, कीमत और अन्य शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत 21 सेंट प्रति पाउंड के पार पहुंचकर लगभग दो साल के उच्च स्तर पर बताई गई। ब्राजील में गन्ने की क्रशिंग में देरी और भारत में कमजोर मानसून के कारण उत्पादन घटने की आशंका को कीमतों में तेजी की वजह माना जा रहा है।
एशियाई मुद्राओं में कमजोरी
16 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अधिकांश एशियाई मुद्राओं में गिरावट की खबर सामने आई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.36 प्रतिशत, फिलीपीन पेसो में 0.23 प्रतिशत और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.20 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। जापानी येन 0.08 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि थाई बाह्ट और सिंगापुर डॉलर में 0.05 प्रतिशत की गिरावट आई। मलेशियाई रिंगित और चीनी रेनमिनबी में भी मामूली कमजोरी देखी गई। इसके विपरीत, ताइवान डॉलर में 0.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। मुद्रा बाजार में इस तरह के उतार-चढ़ाव का असर क्षेत्रीय निवेश धारणा और कारोबार पर पड़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 15 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में लगभग 5,285 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब 3,319 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार पर दबाव डाल सकती है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी कुछ सहारा दे सकती है। हालांकि, बाजार की अगली दिशा समझने के लिए निवेश प्रवाह के साथ वैश्विक संकेतों, कंपनियों के नतीजों और प्रमुख सूचकांकों के तकनीकी स्तरों पर भी ध्यान देना होगा। किसी भी ट्रेड से पहले जोखिम का आकलन करें और केवल एक खबर के आधार पर निवेश का निर्णय न लें।







