साइबर फ्रॉड रोकने के लिए केंद्र की नई रणनीति: E-Zero FIR मॉडल कई राज्यों में लागू

E-Zero FIR मॉडल कई राज्यों में लागू
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केंद्र सरकार देशभर में साइबर वित्तीय अपराधों पर तेजी से अंकुश लगाने के लिए E-Zero FIR प्रणाली का विस्तार कर रही है। गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा शुरू की गई यह पहल अब कई राज्यों में लागू हो चुकी है। इसका उद्देश्य साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।


क्या है E-Zero FIR प्रणाली?
इस व्यवस्था के तहत यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या हेल्पलाइन 1930 पर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराता है और नुकसान 10 लाख रुपये या उससे अधिक का होता है, तो शिकायत स्वतः Zero FIR में परिवर्तित हो जाती है। इससे पुलिस को बिना देरी के जांच शुरू करने में मदद मिलती है।


कई राज्यों में हो चुका है लागू
यह पायलट परियोजना सबसे पहले दिल्ली में शुरू की गई थी। इसके बाद हरियाणा, ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और असम सहित कई राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में इसे लागू किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी इस प्रणाली को लागू करने की प्रक्रिया जारी है।

 

प्रधानमंत्री को दी गई जानकारी
हाल ही में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साइबर अपराध नियंत्रण से जुड़े उपायों की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने साइबर धोखाधड़ी रोकने के प्रयासों के तहत 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित वित्तीय हानि रोकने में सफलता का दावा किया है। साथ ही, पीड़ितों को धनवापसी की प्रक्रिया और E-Zero FIR प्रणाली की प्रगति से भी प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया।


साइबर अपराध के आंकड़े और कार्रवाई
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2019 से मई 2026 के बीच देश में लगभग 98 लाख साइबर अपराध शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि इसी अवधि में लगभग 2.3 लाख एफआईआर दर्ज की गईं। वर्ष 2021 से मई 2026 तक साइबर अपराध से 64,447 करोड़ रुपये के नुकसान की शिकायतें सामने आईं। इनमें से 10,718 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज किया गया, जबकि 323 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस किए गए हैं।


डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी
गृह मंत्रालय का लक्ष्य E-Zero FIR प्रणाली को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू कर साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत राष्ट्रीय तंत्र विकसित करना है। इसके साथ ही सरकार ने पिछले पांच वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत 2.75 लाख से अधिक URL, 233 ऐप और 3,691 वेबसाइटों पर कार्रवाई करने की जानकारी भी दी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण के लिए आगे भी तकनीकी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

 

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