केरल पुलिस के आंतरिक सिस्टम पर साइबर हमले की आशंका: 4 दिन से ठप पुलिस का iAPS सिस्टम

Payal jadon
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
केरल पुलिस का आंतरिक फाइल प्रबंधन सॉफ्टवेयर iAPS (Integrated Application Processing System) पिछले चार दिनों से काम नहीं कर रहा है। इस तकनीकी बाधा के पीछे संभावित साइबर हमले की आशंका जताई जा रही है। यह सिस्टम तिरुवनंतपुरम स्थित पुलिस मुख्यालय और राज्यभर के पुलिस स्टेशनों के बीच आंतरिक फाइलों एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों के आदान-प्रदान के लिए उपयोग किया जाता है।
साइबर हमले की आशंका, जांच शुरू
पुलिस अधिकारियों ने सिस्टम के अचानक बंद होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर साइबर हमले की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। हालांकि, जांच पूरी होने तक हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के लिए साइबर विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों को लगाया गया है।
डेटा सुरक्षित होने का दावा
केरल पुलिस के साइबर प्रभाग का कहना है कि अब तक किसी भी प्रकार के डेटा लीक या डेटा ब्रीच के संकेत नहीं मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी आंतरिक फाइलें सुरक्षित हैं और संवेदनशील जानकारी से किसी तरह की छेड़छाड़ होने के प्रमाण फिलहाल सामने नहीं आए हैं।
नागरिक सेवाओं पर नहीं पड़ा असर
इस तकनीकी समस्या का असर केवल पुलिस विभाग के आंतरिक कार्यों तक सीमित बताया गया है। आम नागरिकों के लिए उपलब्ध केरल पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट और 'थुना (Thuna)' जैसे ऑनलाइन सेवा प्लेटफॉर्म सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इसलिए जनता को मिलने वाली सेवाएं फिलहाल प्रभावित नहीं हुई हैं।
Keltron और विशेषज्ञ टीम बहाली में जुटी
प्रभावित सिस्टम का रखरखाव राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी Keltron द्वारा एक निजी आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से किया जाता है। पुलिस के Cyberdome और आईटी विशेषज्ञ सिस्टम को जल्द से जल्द बहाल करने तथा सामान्य संचालन शुरू कराने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
आंतरिक कामकाज प्रभावित, बहाली के प्रयास जारी
सिस्टम बंद होने के कारण पिछले कई दिनों से पुलिस विभाग के भीतर आंतरिक फाइलों की आवाजाही और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम समस्या के कारणों की जांच के साथ-साथ सिस्टम को सुरक्षित तरीके से पुनः चालू करने के प्रयास कर रही है। फिलहाल जांच जारी है और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।








