कनाडा पर 50 फीसदी टैरिफ टला: व्यापार वार्ता के लिए मिली मोहलत

व्यापार वार्ता के लिए मिली मोहलत
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Priya Iyer

Priya Iyer

0 सेकंड पहले

India ka is maamle mein kya role hoga?

Kabir Shukla

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0 सेकंड पहले

Aise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.

Krishna Yadav

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0 सेकंड पहले

Aise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

0 सेकंड पहले

World leaders kya kadam uthayenge? Sabki nazar hai.

Simran Arora

Simran Arora

7 मिनट पहले

Vishwa shanti ke liye yeh situation concerning hai.

Rohan Desai

Rohan Desai

52 मिनट पहले

Duniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

59 मिनट पहले

International politics bahut tezi se badal rahi hai.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

2 घंटे पहले

International politics bahut tezi se badal rahi hai.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

3 घंटे पहले

Poori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

3 घंटे पहले

Yeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

3 घंटे पहले

Vishwa shanti ke liye yeh situation concerning hai.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के सामानों पर प्रस्तावित 50 फीसदी टैरिफ को अंतिम समय में तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। यह फैसला अमेरिका और कनाडा के बीच चल रही व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है। प्रस्तावित शुल्क में ऑटोमोबाइल, डेयरी उत्पाद और वाइन सहित कई कनाडाई सामान शामिल बताए गए हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से संकेत दिया गया है कि इस अवधि में समझौता नहीं हुआ तो टैरिफ लागू किया जा सकता है। इस फैसले से फिलहाल कनाडाई कारोबार और उत्तरी अमेरिकी बाजार को राहत मिली है।


व्यापार समझौते के लिए तीन दिन की मोहलत
ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के साथ जारी व्यापार विवाद में तीन दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी है। बताया गया है कि टैरिफ लागू होने से कुछ समय पहले इस फैसले की घोषणा की गई। दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन और अन्य मुद्दों को लेकर बातचीत चल रही है। अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि कनाडा उसके प्रस्तावों पर सहमति बनाए। वहीं कनाडा के प्रतिनिधि इस दौरान किसी समझौते तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले कुछ दिन दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


ईरान के खिलाफ ट्रंप की सख्त नीति
कनाडा के बाद ट्रंप प्रशासन का फोकस ईरान पर भी दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को आर्थिक मदद या व्यापारिक सहयोग देने वाले देशों और संगठनों को कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिकी नीति के तहत ईरान की आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। खास तौर पर ईरान से तेल खरीदने और वहां निवेश करने वाली विदेशी कंपनियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य ईरान की आर्थिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय पहुंच को सीमित करना बताया जा रहा है। इस नीति से ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों और कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है।

 

ईरान के मददगारों को प्रतिबंध की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि ईरान को आर्थिक लाइफलाइन देने वाले देशों और संस्थानों को अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसमें वित्तीय सहायता, व्यापारिक सहयोग और ईरानी तेल से जुड़े कारोबार को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही गई है। अमेरिकी प्रशासन तीसरे देशों की कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाने का विकल्प इस्तेमाल कर सकता है। इससे ईरान के साथ कारोबार करने वाले अंतरराष्ट्रीय कारोबारी समूहों के सामने मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ट्रंप प्रशासन ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाकर अपनी विदेश नीति के लक्ष्यों को हासिल करना चाहता है। इस नीति का असर वैश्विक ऊर्जा और व्यापार बाजार पर भी पड़ने की आशंका है।


वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है असर
अमेरिका के कनाडा और ईरान से जुड़े इन फैसलों का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। कनाडा पर टैरिफ टलने से उत्तरी अमेरिकी ऑटोमोबाइल और अन्य सप्लाई चेन को फिलहाल राहत मिली है। दूसरी ओर ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ने से कच्चे तेल के कारोबार पर नजरें टिक गई हैं। ईरान से जुड़े तेल व्यापार पर किसी भी नई कार्रवाई का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। एशिया और यूरोप के कई देश मध्य पूर्व से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर हैं। ऐसे में अमेरिकी नीतियों के अगले कदम का वैश्विक कीमतों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर देखा जा सकता है।


अमेरिका फर्स्ट नीति पर बढ़ी नजर
ट्रंप के दोनों फैसलों को उनकी अमेरिका फर्स्ट नीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। एक तरफ उन्होंने करीबी पड़ोसी कनाडा के साथ व्यापार समझौते के लिए टैरिफ को कुछ समय के लिए रोका है। दूसरी तरफ ईरान और उसके सहयोगियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का संदेश दिया है। अमेरिकी प्रशासन व्यापार और विदेश नीति दोनों मोर्चों पर अपने हितों को प्राथमिकता देने का संकेत दे रहा है। कनाडा के साथ बातचीत और ईरान पर प्रतिबंधों को लेकर अगले कुछ दिन अहम हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार और अन्य देशों की सरकारें अब अमेरिका के अगले फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं।

 

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Priya Iyer

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India ka is maamle mein kya role hoga?

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Aise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.

Krishna Yadav

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Aise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.

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World leaders kya kadam uthayenge? Sabki nazar hai.

Simran Arora

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Vishwa shanti ke liye yeh situation concerning hai.

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Duniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.

Pooja Reddy

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International politics bahut tezi se badal rahi hai.

Dhruv Bhatt

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International politics bahut tezi se badal rahi hai.

Nidhi kumari

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Poori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.

Aarohi Chaudhary

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Yeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.

Vivaan Gupta

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3 घंटे पहले

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