4 सितंबर को होगा बड़ा अंतरिक्ष मिशन: अंतरिक्ष में भारत की तीसरी आंख

अंतरिक्ष में भारत की तीसरी आंख
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Vaishali shinde

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9 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Diya Gupta

Diya Gupta

9 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Vaishali shinde

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9 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

13 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Krishna Yadav

Krishna Yadav

14 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Aarohi Chaudhary

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15 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Vaishali shinde

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16 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

16 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Anil Sen

Anil Sen

18 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO अपने महत्वाकांक्षी GSLV-F17/EOS-05 मिशन के लिए तैयार है। इस मिशन के तहत 4 सितंबर 2026 को तड़के 02:55 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से EOS-05 सैटेलाइट को लॉन्च किया जाएगा। यह प्रक्षेपण केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से किया जाएगा। EOS-05 को पहले GISAT-1A के नाम से जाना जाता था। इस मिशन को भारत की अर्थ ऑब्जर्वेशन और अंतरिक्ष निगरानी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर होगी तैनाती
EOS-05 की सबसे खास बात इसकी कक्षा है। इसे पृथ्वी से लगभग 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई वाली जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। इस कक्षा में पहुंचने के बाद सैटेलाइट पृथ्वी की घूर्णन गति के साथ तालमेल बनाए रखेगा और एक बड़े निश्चित क्षेत्र की लगातार निगरानी कर सकेगा। यही वजह है कि इसे अंतरिक्ष में एक तरह के स्थिर निगरानी कैमरे से तुलना की जा रही है। इससे भारत के बड़े भूभाग की नियमित तस्वीरें और अवलोकन संबंधी डेटा हासिल करने की क्षमता बढ़ेगी।


सीमाओं पर निगरानी में मिलेगी मदद
EOS-05 को भारत की रणनीतिक निगरानी क्षमता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सैटेलाइट से मिलने वाले अर्थ ऑब्जर्वेशन डेटा का इस्तेमाल सीमावर्ती क्षेत्रों समेत विभिन्न इलाकों की निगरानी में किया जा सकता है। खास तौर पर चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर गतिविधियों की निगरानी के लिए इसकी क्षमता उपयोगी हो सकती है। हालांकि सैटेलाइट को सीधे 24 घंटे लाइव CCTV की तरह समझना सही नहीं होगा, लेकिन जियोसिंक्रोनस कक्षा में इसकी तैनाती से किसी क्षेत्र का बार-बार और नियमित अवलोकन संभव होगा।

 

आपदा प्रबंधन में भी उपयोगी होगा डेटा
EOS-05 का इस्तेमाल केवल रणनीतिक निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा। अर्थ ऑब्जर्वेशन से प्राप्त डेटा प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी और आपदा प्रबंधन में भी मदद कर सकता है। चक्रवात, बाढ़, जंगलों में आग और अन्य घटनाओं के दौरान प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करने में सैटेलाइट इमेजरी उपयोगी होती है। इसके अलावा कृषि, पर्यावरण निगरानी और भूमि उपयोग जैसे क्षेत्रों में भी इस तरह के उपग्रह से प्राप्त जानकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे वैज्ञानिकों और संबंधित एजेंसियों को बड़े भूभाग का लगातार अध्ययन करने में सहायता मिलेगी।


GSLV-F17 मिशन इसरो के लिए अहम
EOS-05 का प्रक्षेपण GSLV-F17 रॉकेट के जरिए किया जाएगा और यह मिशन इसरो के लिए तकनीकी रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले 2021 में GISAT-1 यानी EOS-03 को GSLV-F10 से लॉन्च करने का प्रयास किया गया था, लेकिन क्रायोजेनिक स्टेज में तकनीकी समस्या के कारण मिशन सफल नहीं हो पाया था। अब EOS-05 के साथ इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करना इसरो की जियोसिंक्रोनस अर्थ ऑब्जर्वेशन क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। वैज्ञानिकों की तैयारियों और लॉन्च से जुड़े सभी चरणों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।


आधिकारिक प्रसारण में देख सकेंगे लॉन्च
EOS-05 के ऐतिहासिक प्रक्षेपण को आम लोग भी देख सकेंगे। इसरो की ओर से लॉन्च से जुड़ी लाइव कवरेज और प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र की लॉन्च व्यू गैलरी के माध्यम से पंजीकृत दर्शक प्रक्षेपण को करीब से देख सकते हैं, जबकि इसरो के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लॉन्च का सीधा प्रसारण उपलब्ध कराया जाएगा। 4 सितंबर की सुबह होने वाला यह प्रक्षेपण भारत की अंतरिक्ष निगरानी और अर्थ ऑब्जर्वेशन क्षमता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

 

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9 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Diya Gupta

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9 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Vaishali shinde

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9 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Ananya Sharma

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13 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Krishna Yadav

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14 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Aarohi Chaudhary

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15 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Vaishali shinde

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16 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Aarav Sharma

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16 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Anil Sen

Anil Sen

18 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

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