India Pakistan naval ships collide: पाकिस्तान- भारत नौसेना के जहाज के बीच टक्कर

Anil Sen
14 मिनट पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Tanya Bajaj
10 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Dhruv Bhatt
11 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Payal jadon
13 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Aryan Malhotra
14 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Sonu rai
15 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Tanya Bajaj
16 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Navya Nair
17 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
15 सितंबर 2026 की शाम उत्तरी अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नौसेना के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत और पाकिस्तान नौसेना के जहाज PNS Hunain के बीच टक्कर हुई। भारतीय अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तानी जहाज एक नियमित निगरानी मिशन पर मौजूद भारतीय युद्धपोत के करीब तेज गति से आया और असुरक्षित तरीके से maneuver किया। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच टक्कर हुई। भारतीय पक्ष ने घटना को गंभीर समुद्री सुरक्षा मामला माना है।
भारत ने पाकिस्तान के राजनयिक को तलब किया
घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के Charge d’Affaires साद वड़ैच को तलब किया। भारत ने पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों के आचरण को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तान से नौसैनिक इकाइयों को दोनों देशों के बीच लागू समझौतों और आवश्यक समुद्री सावधानियों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। भारत के इस कदम के बाद मामला कूटनीतिक स्तर तक पहुंच गया।
PNS Hunain को नुकसान, भारतीय जहाज ने मिशन जारी रखा
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार टक्कर में PNS Hunain को नुकसान पहुंचा और बाद में वह अपने बंदरगाह की ओर लौट गया। भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक भारतीय जहाज ने घटना के बाद अपना निगरानी मिशन जारी रखा। हालांकि भारतीय युद्धपोत की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है, इसलिए उसके नाम को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों को पुष्टि किए गए तथ्य के रूप में नहीं लिखना उचित है।
1991 के समझौते का Article 10 बना मुद्दा
भारत ने अपने विरोध में अप्रैल 1991 में हुए भारत-पाकिस्तान समझौते के Article 10 का हवाला दिया। इस प्रावधान के अनुसार अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों को एक-दूसरे से कम से कम 3 nautical miles की दूरी बनाए रखनी होती है। इसका उद्देश्य समुद्र में किसी दुर्घटना या गलतफहमी से बचाव करना है। भारत का कहना है कि 15 सितंबर की घटना में इस प्रावधान का उल्लंघन हुआ।
पाकिस्तान ने भी भारतीय राजनयिक को तलब किया
भारत की ओर से विरोध दर्ज किए जाने के बाद पाकिस्तान ने भी इस्लामाबाद में भारतीय Charge d’Affaires को तलब किया। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने घटना को लेकर भारत के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और भारतीय नौसैनिक जहाज पर पाकिस्तानी Exclusive Economic Zone में आक्रामक maneuver करने का आरोप लगाया। इस तरह दोनों देशों ने घटना को लेकर एक-दूसरे के सामने अपना पक्ष रखा है। दोनों पक्षों के दावों में अंतर होने के कारण घटना के कारणों पर स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है।
समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक तनाव पर नजर
भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्र में हुई यह टक्कर ऐसे समय सामने आई है जब दोनों देशों के बीच संबंध पहले से संवेदनशील हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी बड़े नुकसान या व्यापक सैन्य टकराव की पुष्टि नहीं हुई है। भारत ने समुद्री सुरक्षा नियमों और द्विपक्षीय समझौतों के पालन पर जोर दिया है, जबकि पाकिस्तान ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है। आगे की स्थिति दोनों देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और घटना से जुड़ी जांच व तथ्यों के सामने आने पर अधिक स्पष्ट होगी।








