BRICS summit flight restrictions: दिल्ली के 300 किमी दायरे में गैर-नियमित उड़ानों पर रोक

Ravi sinha
3 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Reyansh Joshi
3 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Navya Nair
4 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Payal jadon
5 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Nidhi kumari
6 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Vaishali shinde
8 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Shruti Bajpai
8 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी NOTAM के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी के आसपास 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले हवाई अड्डों पर गैर-नियमित उड़ानों के संचालन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। यह पाबंदी 11 से 13 सितंबर तक रोजाना सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके दायरे में निजी विमान, चार्टर विमान और अन्य गैर-नियमित उड़ानें शामिल हैं।
नियमित कमर्शियल उड़ानों पर नहीं पड़ेगा असर
प्रतिबंध का असर आम यात्रियों के लिए संचालित नियमित कमर्शियल फ्लाइट्स पर नहीं है। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार चलने वाली यात्री उड़ानें सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी। वहीं विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उनके प्रतिनिधिमंडलों को लेकर आने वाले विशेष विमानों को जरूरी मंजूरी और पहले से स्वीकृत फ्लाइट प्लान के आधार पर संचालन की अनुमति दी जाएगी। करीब 35 विशेष विमानों के दिल्ली पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।
कई तरह की विशेष उड़ानों को छूट
सुरक्षा व्यवस्था के तहत कुछ विशेष श्रेणी की उड़ानों को प्रतिबंध से छूट दी गई है। राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को लेकर चलने वाले सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर, भारतीय वायुसेना, सीमा सुरक्षा बल और एविएशन रिसर्च सेंटर की उड़ानों को संचालन की अनुमति रहेगी। इसके अलावा आर्मी एविएशन के क्विक रिस्पॉन्स मिशन तथा दुर्घटना में घायलों को ले जाने और तत्काल मेडिकल इवैक्यूएशन वाली उड़ानों को भी निर्धारित मंजूरी के साथ उड़ान की अनुमति दी गई है।
सफदरजंग एयरपोर्ट पर भी पाबंदी
इन सुरक्षा प्रतिबंधों के दौरान सफदरजंग एयरपोर्ट को बंद रखा जाएगा। हालांकि आपातकालीन या वीआईपी ड्यूटी में लगे भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को यहां संचालन की अनुमति होगी। NSG के लिए तत्काल बैकअप सहायता में इस्तेमाल होने वाले BSF या भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी निर्धारित परिस्थितियों में सफदरजंग का उपयोग कर सकेंगे।
दिल्ली के अलावा आसपास के एयरपोर्ट भी तैयार
BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के विशेष विमानों की पार्किंग और संचालन को देखते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हिंडन और जयपुर एयरपोर्ट को भी तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर लखनऊ एयरपोर्ट को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। सम्मेलन में करीब 12 राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है।
जमीन से आसमान तक सुरक्षा कड़ी
BRICS सम्मेलन को लेकर दिल्ली में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। दिल्ली पुलिस के करीब 15 हजार कर्मियों और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों की तैनाती की जानकारी सामने आई है। विदेशी मेहमानों की आवाजाही को देखते हुए राजधानी में कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नियंत्रण लागू किए गए हैं। भारत मंडपम और प्रतिनिधिमंडलों के आवागमन वाले मार्गों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई है।








