MP Stubble Burning: पराली जलाने के मामलों में MP देश में तीसरे स्थान पर

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पराली जलाने के मामलों में MP देश के टॉप-3 राज्यों में शामिल
मध्यप्रदेश में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में प्रदेश देश के टॉप-3 राज्यों में शामिल हो गया है। पिछले 45 दिनों में मध्यप्रदेश में पराली जलाने की 538 घटनाएं दर्ज की गई हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत अधिक है। देश में पंजाब सबसे आगे है, जबकि राजस्थान दूसरे और मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है।
15 सितंबर से 30 अक्टूबर तक देशभर में 3,071 मामले
इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (IARI) की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 सितंबर से 30 अक्टूबर तक देशभर में पराली जलाने के 3,071 मामले सामने आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 1,339 मामले पंजाब में दर्ज किए गए। राजस्थान में 638 और मध्यप्रदेश में 538 घटनाएं सामने आईं। उत्तर प्रदेश में 345, उत्तराखंड में 174 और हरियाणा में 35 मामले दर्ज किए गए।
श्योपुर में सबसे ज्यादा 53 घटनाएं
मध्यप्रदेश के 18 जिलों में पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें श्योपुर सबसे आगे है। यहां 45 दिनों में 53 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा अशोकनगर, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, सीहोर, सिवनी, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी खेतों में पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
पिछले साल के मुकाबले 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान प्रदेश में पराली जलाने के 483 मामले सामने आए थे। इस बार यह संख्या बढ़कर 538 हो गई है। हालांकि, वर्ष 2023 और 2024 के मुकाबले मौजूदा आंकड़े कम हैं। वर्ष 2023 में प्रदेश में 2,995 और 2024 में 1,780 मामले दर्ज किए गए थे।
समझाइश और कार्रवाई के बाद भी नहीं रुक रहीं घटनाएं
पराली जलाने से रोकने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन किसानों को जागरूक कर रहे हैं। किसानों को बताया जा रहा है कि फसल अवशेष जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है। इसके अलावा खेत की मिट्टी को भी नुकसान पहुंचता है। प्रशासन की ओर से समझाइश के साथ नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी की जा रही है।
इसके बावजूद कई जिलों में किसान खेतों में पराली जला रहे हैं। धान की कटाई का दौर जारी रहने के कारण आने वाले दिनों में इन आंकड़ों में और बढ़ोतरी की आशंका है।
पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलाने के मामले
देश में पराली जलाने की घटनाओं में पंजाब सबसे आगे है। रिपोर्ट के अनुसार, 15 सितंबर से 30 अक्टूबर के बीच पंजाब में 1,339 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा 31 अक्टूबर को राज्य में 292 नए मामले सामने आने की जानकारी भी दी गई है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी बड़ी संख्या में घटनाएं दर्ज हो रही हैं।
वायु गुणवत्ता और कृषि भूमि को लेकर बढ़ी चिंता
पराली जलाने की बढ़ती घटनाएं प्रदेश में वायु गुणवत्ता और कृषि भूमि के संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं। ऐसे में फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन और किसानों को वैकल्पिक उपाय उपलब्ध कराने की जरूरत भी महत्वपूर्ण हो गई है।








