MP Foundation Day: भोपाल में तीन दिवसीय मध्यप्रदेश राज्योत्सव आज से शुरू

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भोपाल में तीन दिवसीय राज्योत्सव आज से शुरू
मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में रविवार से तीन दिवसीय राज्योत्सव शुरू हो रहा है। लाल परेड ग्राउंड में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तीनों दिन दिखेगी सांस्कृतिक विविधता
राज्योत्सव के तीनों दिन विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें देश के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ मध्यप्रदेश की लोक और जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करना है।
पहले दिन मोनाली ठाकुर देंगी प्रस्तुति
राज्योत्सव के पहले दिन यानी 1 नवंबर को सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध गायिका मोनाली ठाकुर अपनी प्रस्तुति देंगी। उनके गीत समारोह का प्रमुख आकर्षण होंगे। स्थापना दिवस के मुख्य आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
2 नवंबर को दिखेगी लोक और जनजातीय संस्कृति
राज्योत्सव के दूसरे दिन प्रदेश की समृद्ध लोक और जनजातीय संस्कृति पर केंद्रित कार्यक्रम होंगे। इस दौरान 20 से अधिक लोक एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। अलग-अलग अंचलों की पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और नृत्य के माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।
3 नवंबर को मामे खान जमाएंगे रंग
तीन दिवसीय राज्योत्सव के अंतिम दिन 3 नवंबर को प्रसिद्ध लोक गायक मामे खान अपनी प्रस्तुति देंगे। उनकी लोक गायकी समारोह का प्रमुख आकर्षण रहेगी। इस तरह तीनों दिन संगीत, लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का उत्सव मनाया जाएगा।
सभी जिलों में भी होंगे स्थापना दिवस के कार्यक्रम
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में होने वाले मुख्य समारोह के साथ प्रदेश के सभी जिलों में भी स्थापना दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। राज्योत्सव के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विविधता को सामने लाने की तैयारी की गई है। यह तीन दिवसीय समारोह प्रदेशवासियों को संगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए राज्य की परंपराओं से जुड़ने का अवसर देगा।








