308 Wheel Mega Truck: 48 घंटे में सिर्फ 48 किलोमीटर चला 308 पहियों वाला ट्रक

Ravi sinha
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Dhruv Bhatt
1 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Ishaan Tiwari
3 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Kunal Rao
3 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
48 घंटे में 48 किलोमीटर का सफर
उत्तर प्रदेश की सड़कों पर चर्चा में आया 308 पहियों वाला विशाल ट्रक बनारस पहुंच गया है। करीब 200 टन वजनी मशीन को लेकर चल रहे इस ट्रक ने चंदौली से बनारस तक पहुंचने में कई चुनौतियों का सामना किया और 48 घंटे में लगभग 48 किलोमीटर की दूरी तय की।
200 टन की मशीन लेकर चल रहा ट्रक
इस विशाल मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर बेल्जियम से समुद्री रास्ते के जरिए भारत लाई गई भारी औद्योगिक मशीन लदी है। मशीन को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से सड़क मार्ग के जरिए उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है।
कीचड़ और रास्ते की चुनौती
चंदौली में बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और जमीन धंसने जैसी समस्याओं के कारण ट्रक की रफ्तार बेहद धीमी रही। भारी वजन के कारण इसे आगे बढ़ाने के लिए अलग रास्तों और विशेष व्यवस्थाओं का सहारा लिया गया।
NHAI और प्रशासन की निगरानी
विशाल ट्रक को सुरक्षित आगे बढ़ाने के लिए NHAI, पुलिस और तकनीकी टीमों की निगरानी में मार्ग को तैयार किया जा रहा है। रास्ते में आने वाले पुल, फुटओवरब्रिज, साइनेज और अन्य बाधाओं को हटाने या आवश्यक व्यवस्था करने की तैयारी की गई है।
बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए मशीन
रिपोर्ट के अनुसार यह विशाल औद्योगिक मशीन लखीमपुर खीरी के कुंभी में निर्माणाधीन बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए ले जाई जा रही है। 308 पहियों वाले विशेष ट्रांसपोर्टर का इस्तेमाल मशीन के भारी वजन को सड़क मार्ग से सुरक्षित ले जाने के लिए किया जा रहा है।








