NEET विवाद: 36 दिनों बाद CJP का आंदोलन खत्म: CJP की मांगें मानी गईं, धरना समाप्त

Rohan Desai
0 सेकंड पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
नई दिल्ली में NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया।
जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से जारी धरना तीसरे दौर की सरकार-CJP वार्ता के बाद खत्म हुआ।बैठक में कई अहम मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलनकारियों ने धरना स्थल खाली करने का फैसला लिया।CJP के नेताओं ने आधिकारिक रूप से आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपने घरों की ओर रवाना होने लगे।
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में बनी सहमति
आंदोलन खत्म कराने में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक अहम रही।सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की बातचीत सफल रही।बैठक में छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने समझौते के बाद आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया।दोनों पक्षों ने आगे भी परीक्षा सुधारों को लेकर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बना आंदोलन की बड़ी मांग
NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।CJP की सबसे बड़ी और प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी।सरकार ने इस मांग को स्वीकार किया और इस्तीफा राष्ट्रपति द्वारा मंजूर किया गया।इसके बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रल्हाद जोशी को सौंपा गया।आंदोलनकारियों ने इसे छात्रों के संघर्ष की बड़ी सफलता बताया।
छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने का फैसला
सरकार ने आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया है।CJP के अनुसार दिल्ली में दर्ज करीब 15 से 20 एफआईआर की प्रतियां संगठन को उपलब्ध कराई जाएंगी।इन मामलों की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरी की जाएगी।छात्र नेताओं ने इसे आंदोलनकारियों के लिए बड़ी राहत बताया।सरकार ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
NEET विवाद से प्रभावित परिवारों को मिलेगा मुआवजा
वार्ता के दौरान NEET विवाद से प्रभावित परिवारों की मांग भी उठाई गई।सरकार ने पेपर लीक विवाद और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों के परिवारों को नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया।CJP ने पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और सहायता की मांग की थी।इस फैसले को आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।सरकार ने प्रभावित परिवारों के मुद्दे पर उचित प्रक्रिया अपनाने की बात कही है।
परीक्षा सुधारों के लिए 5 सूत्रीय चार्टर सौंपा
आंदोलन समाप्त होने के बाद भी परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग जारी रहेगी।CJP ने सरकार को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में बदलाव के लिए 5 सूत्रीय सुधार चार्टर सौंपा है।सरकार ने इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।दोनों पक्षों के बीच अगले चार सप्ताह के भीतर एक और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित होगी।समझौते के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों में खुशी का माहौल देखने को मिला।







