50 हजार का इनामी विपुल खूनी ढेर: बड़ी कार्रवाई, बदमाश से मुठभेड़ में पुलिस को सफलता

Navya Nair
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Simran Arora
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में मेरठ STF और बागपत पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात बदमाश विपुल उर्फ 'खूनी' को मुठभेड़ में मार गिराया।शनिवार 25 जुलाई 2026 की शाम सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाश के बीच आमना-सामना हुआ।पुलिस के मुताबिक घेराबंदी के दौरान विपुल ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।दोनों तरफ से करीब 12 राउंड गोलियां चलीं, जिसमें विपुल गंभीर रूप से घायल हो गया।अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके से बरामद हुईं पिस्टल और बाइक
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और कई अहम सामान बरामद किए।STF अधिकारियों के अनुसार मौके से दो .32 बोर की पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद किए गए।इसके अलावा एक अपाचे मोटरसाइकिल भी पुलिस के कब्जे में ली गई है।पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य सामान की जांच कर रही है।इस कार्रवाई को बागपत पुलिस और मेरठ STF की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
सुशील मूंछ गैंग का सक्रिय शार्प शूटर था विपुल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विपुल उर्फ खूनी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का सक्रिय सदस्य था।उसे गैंग का शार्प शूटर बताया जाता था और वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था।उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज थे।पुलिस के मुताबिक उसके ऊपर यूपी के कई जिलों और दिल्ली में 36 से 38 मुकदमे दर्ज थे।उसकी गिरफ्तारी के लिए शामली पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
हत्या और रंगदारी समेत दर्ज थे कई मामले
विपुल उर्फ खूनी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया जा रहा है।उसके खिलाफ शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और दिल्ली में कई मामले दर्ज थे।पुलिस रिकॉर्ड में हत्या, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे अपराध शामिल हैं।वर्ष 2014 में भभीसा गांव के पवन हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था।जमानत पर बाहर आने के बाद वह फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
पीड़ित परिवार को धमकी देने का आरोप
पुलिस के अनुसार विपुल उर्फ खूनी पर पुराने हत्याकांड के पीड़ित परिवार को धमकाने और रंगदारी मांगने का आरोप था।बताया गया कि वह पवन हत्याकांड में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद लगातार फरार था।वह मुकदमे का खर्च देने के नाम पर पीड़ित पक्ष से पैसे मांग रहा था।इसके बाद शामली पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।STF और बागपत पुलिस की संयुक्त टीम उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
बागपत पुलिस की बड़ी कामयाबी
मेरठ STF और बागपत पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार विपुल लंबे समय से वांछित अपराधी था।मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे रोकने का प्रयास किया।गोली लगने के बाद घायल बदमाश को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।पुलिस अब इस पूरे मामले की आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है।







