November Rule Changes: 1 नवंबर से लागू हुए 5 बड़े बदलाव

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1 नवंबर से लागू हुए 5 बड़े बदलाव
अक्टूबर महीने की विदाई के साथ 1 नवंबर से देश में कई नए नियम और व्यवस्थाएं लागू हो गई हैं। इनका असर आम लोगों के घरेलू बजट, हाईवे पर सफर, कारोबार और मोबाइल सेवाओं पर पड़ सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, केंद्र सरकार के विभागों और दूरसंचार विभाग की ओर से किए गए बदलावों में एलपीजी और विमान ईंधन की कीमतें, FASTag लोकल पास, डिजिटल भुगतान, जीएसटी रिफंड और मोबाइल कॉलर की पहचान से जुड़े नियम शामिल हैं। आइए जानते हैं इन पांच बड़े बदलावों के बारे में।
पहला बदलाव: LPG सिलेंडर और विमान ईंधन के दाम
हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर और विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों की समीक्षा करती हैं। 1 नवंबर से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद इसकी कीमत 2,820 रुपये हो गई है। वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में फिलहाल बदलाव नहीं किया गया है।
इसके अलावा विमान ईंधन की कीमत में भी 1.37 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बदलाव का असर होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खर्च पर पड़ सकता है।
दूसरा बदलाव: 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को FASTag लोकल पास
राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए 1 नवंबर से FASTag लोकल पास की नई सुविधा शुरू की गई है। इसका उद्देश्य आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को नियमित टोल भुगतान से राहत देना है।
इस पास की सालाना फीस टोल प्लाजा की स्थिति के अनुसार तय की गई है। नगरपालिका या स्थानीय नगर सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए इसकी कीमत 1,500 रुपये सालाना है, जबकि इन सीमाओं के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये सालाना शुल्क निर्धारित किया गया है। यह सुविधा गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों और वैध FASTag वाले पात्र वाहन मालिकों के लिए है। पास संबंधित टोल प्लाजा पर ही मान्य होगा, सभी टोल प्लाजा पर नहीं।
तीसरा बदलाव: तमिलनाडु में 1,000 रुपये से अधिक की खरीद पर डिजिटल भुगतान
तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) ने अपने खुदरा बिक्री केंद्रों पर भुगतान के नियमों में बदलाव किया है। 1 नवंबर से 1,000 रुपये से अधिक के बिल का भुगतान नकद के बजाय डिजिटल माध्यम से करना अनिवार्य कर दिया गया है।
ऐसे लेन-देन के लिए UPI, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। भुगतान निगम के निर्धारित बैंक खाते से जुड़े आधिकारिक POS सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाना, नकदी के प्रबंधन को कम करना और बिलिंग से जुड़ी अनियमितताओं पर रोक लगाना है। 1 जनवरी 2027 से डिजिटल भुगतान की यह सीमा घटाकर 500 रुपये करने की भी योजना है।
चौथा बदलाव: GST रिफंड और एक्सप्रेसवे पर नए ट्रैफिक नियम
जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए नए प्रावधान लागू किए जा रहे हैं। इनके तहत पात्र कारोबारियों के रिफंड दावों की प्रक्रिया में सिस्टम आधारित जांच और मंजूरी को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे दस्तावेजों और मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता कम करने तथा रिफंड में होने वाली देरी घटाने की उम्मीद है। हालांकि, रिफंड का लाभ संबंधित नियमों और पात्रता की शर्तों के अनुसार मिलेगा।
वहीं, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर 1 नवंबर से सभी मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक लागू हो गई है। इसमें छोटे कमर्शियल वाहन, पिकअप वैन और टाटा ऐस जैसे वाहन भी शामिल हैं। ऐसे वाहनों को एक्सप्रेसवे के पुराने मार्ग का इस्तेमाल करना होगा। इस लिंक पर निजी कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा और यात्री बसों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
दिल्ली में भी सर्दियों के प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत दूसरे राज्यों में पंजीकृत गैर-BS6 पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंध लागू किया गया है। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
पांचवां बदलाव: मोबाइल पर दिखेगा कॉल करने वाले का नाम
मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए 1 नवंबर से Calling Name Presentation (CNAP) सेवा लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने 4G और इससे नई तकनीक वाले नेटवर्क पर यह सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया है।
इस तकनीक के जरिए किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर फोन की स्क्रीन पर नंबर के साथ टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। यदि नंबर पहले से मोबाइल में सेव है, तो स्क्रीन पर सेव किया गया नाम ही दिखेगा। इस सुविधा के लिए अलग से थर्ड-पार्टी कॉलर आईडी ऐप की जरूरत नहीं होगी।
शुरुआती चरण में यह सुविधा 4G और 5G नेटवर्क पर लागू की जा रही है। 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर इसे लागू करने के बारे में अलग से निर्णय लिया जाएगा। CNAP का उद्देश्य कॉल करने वाले की पहचान आसान बनाना और फर्जी कॉल तथा स्पैम से निपटने में मदद करना है।








