Saharanpur Dog Attack: सहारनपुर में आवारा कुत्तों के हमले में 11 वर्षीय बच्चे की मौत

सहारनपुर में आवारा कुत्तों के हमले में 11 वर्षीय बच्चे की मौत
प्रतिक्रियाएँ

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं

पहले आप अपनी बात रखें

Comments • Reactions • Feedback

सहारनपुर में आवारा कुत्तों के हमले में बच्चे की मौत
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नागल थाना क्षेत्र स्थित बेलड़ा जुनारदार गांव में आवारा कुत्तों के हमले में 11 वर्षीय प्रियांशु की मौत हो गई। शुक्रवार शाम घर से खेलने निकला बच्चा देर रात तक वापस नहीं लौटा। शनिवार सुबह गांव के पास खेत में उसका शव मिला। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और गांव के लोगों में डर का माहौल है।

 

शुक्रवार शाम से लापता था प्रियांशु
जानकारी के मुताबिक, प्रियांशु गांव निवासी रविंदर का बेटा था और शुक्रवार शाम करीब 5 बजे घर से खेलने के लिए निकला था। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर आसपास के खेतों और जंगलों में खोजबीन की गई। परिजनों ने सोशल मीडिया पर भी उसकी तस्वीर साझा कर लोगों से मदद मांगी, लेकिन रात में उसका कोई पता नहीं चल सका।

 

खेत में मिला शव, पुलिस ने जुटाए साक्ष्य
शनिवार सुबह ग्रामीणों को गांव के पास खेत में प्रियांशु का शव मिला। शुरुआती जानकारी में आवारा कुत्तों के हमले को उसकी मौत की वजह बताया गया है। सूचना मिलने पर नागल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

पांचवीं कक्षा में पढ़ता था प्रियांशु
प्रियांशु गांव के ही स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र था। वह अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत से परिवार के लोगों का बुरा हाल है। गांव में घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।

 

दो दिन पहले भी दो बच्चों पर हुआ था हमला
ग्रामीणों के मुताबिक, इस घटना से दो दिन पहले भी आवारा कुत्तों के झुंड ने गांव के दो बच्चों आरव और सोनू पर हमला किया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले की घटनाओं और शिकायतों के बावजूद आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
लगातार हमलों से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग की है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है। घटना के बाद गांव में बच्चों की सुरक्षा और आवारा कुत्तों से बचाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।

प्रतिक्रियाएँ

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं

पहले आप अपनी बात रखें

Comments • Reactions • Feedback