Sanjay Raut Contempt Case: CJI और न्यायपालिका पर टिप्पणी से जुड़ा है मामला

Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Pooja Reddy
1 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Pranav Srivastava
2 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
संजय राउत को सुप्रीम कोर्ट में पेश होने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत को 17 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और न्यायपालिका से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर शुरू हुई अवमानना कार्यवाही से संबंधित है। अदालत ने पत्रकार निखिल वागले को भी उसी दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का निर्देश दिया है।
अवमानना मामले में जारी हुआ था नोटिस
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को संजय राउत और निखिल वागले को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अदालत ने उस समय अगली सुनवाई पर उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देते हुए कहा था कि पहले उनके जवाब पर विचार किया जाएगा। ये नोटिस सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से दायर अवमानना याचिका के आधार पर जारी किए गए थे।
न्यायपालिका पर टिप्पणी से जुड़ा है मामला
यह कार्यवाही CJI और न्यायपालिका के बारे में की गई टिप्पणियों से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले में दोनों व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। 17 नवंबर को होने वाली सुनवाई में उनके जवाब और मामले से जुड़े पहलुओं पर आगे विचार किया जा सकता है।
विपक्ष के मार्च के बाद बढ़ा विवाद
खबर के अनुसार, विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था। इस घटनाक्रम पर CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि अदालत को कोई डरा या धमका नहीं सकता। इसी राजनीतिक विवाद के बीच न्यायपालिका से संबंधित टिप्पणियों को लेकर मामला चर्चा में आया।
17 नवंबर की सुनवाई पर नजर
संजय राउत की व्यक्तिगत पेशी और निखिल वागले की वर्चुअल पेशी के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत मामले में उपलब्ध जवाबों और अवमानना याचिका से जुड़े मुद्दों पर विचार करेगी। आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार तय होगी।








