'देशभक्तों ने अंधभक्तों को हराया' बोले उद्धव ठाकरे: मुंबई में ठाकरे बंधुओं की ऐतिहासिक विजय रैली

Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Anil Sen
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
मुंबई में ठाकरे बंधुओं की ऐतिहासिक 'विजय रैली': उद्धव-राज एक मंच पर, शिवाजी पार्क में उमड़ा जनसैलाब,महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार का दिन एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में दर्ज हो गया। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे वर्षों बाद एक साथ मंच साझा करते नजर आए। मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित संयुक्त 'तिरंगा विजय रैली' में हजारों समर्थकों और छात्रों की मौजूदगी ने इसे राज्य की सबसे चर्चित राजनीतिक रैलियों में शामिल कर दिया।
विरोध मार्च से बना विजय मार्च
शुरुआत में यह कार्यक्रम छात्रों के समर्थन में विरोध मार्च के रूप में प्रस्तावित था। रैली का उद्देश्य NEET पेपर लीक विवाद और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाना बताया गया था। बाद में बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद इस कार्यक्रम को "विजय मार्च" का स्वरूप दिया गया और इसे छात्रों के आंदोलन की सफलता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
वर्षों बाद एक मंच पर दिखे दोनों ठाकरे
रैली का सबसे बड़ा आकर्षण उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का लंबे समय बाद एक साथ मंच पर आना रहा। उनके साथ शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे और मनसे नेता अमित ठाकरे भी मौजूद रहे। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए जोरदार स्वागत किया।
केवल तिरंगा, नहीं दिखे राजनीतिक झंडे
रैली की खास बात यह रही कि आयोजन स्थल पर किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं लहराया गया। पूरे कार्यक्रम में केवल भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा दिखाई दिया। आयोजकों ने इसे राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय राष्ट्रहित और छात्र आंदोलन के समर्थन का प्रतीक बताया।
उद्धव और राज ठाकरे ने सरकार पर साधा निशाना
सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता जवाबदेही चाहती है और लोकतंत्र में जनआंदोलन बदलाव की ताकत रखते हैं।वहीं राज ठाकरे ने छात्र आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की एकजुटता ने पूरे देश का ध्यान शिक्षा व्यवस्था की ओर खींचा है। उन्होंने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों की अहमियत पर भी जोर दिया।
महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक साथ मंच साझा करना आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति में इस संयुक्त उपस्थिति को भविष्य के चुनावी परिदृश्य से जोड़कर देखा जा रहा है।हालांकि, किसी भी संभावित राजनीतिक गठबंधन या चुनावी रणनीति को लेकर दोनों दलों की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल इस रैली को छात्र आंदोलन के समर्थन और राजनीतिक एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।







