Court Allows RSS March: मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु में RSS मार्च को दी अनुमति

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु में RSS मार्च को दी अनुमति
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Pooja Reddy

Pooja Reddy

16 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

18 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

18 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

20 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Anika Rajput

Anika Rajput

20 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

22 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

22 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Priya Iyer

Priya Iyer

1 दिन पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

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मद्रास हाई कोर्ट ने RSS मार्च को दी अनुमति
मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रूट मार्च और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन को अनुमति दे दी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मार्च 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को राज्य में 128 स्थानों पर निकाले जाने हैं। यह मामला RSS के उत्तर तमिलनाडु सचिव वी.जी. जगदीशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें पुलिस के अनुमति देने से इनकार करने वाले आदेशों को चुनौती दी गई थी।

 

पुलिस के बार-बार इनकार पर अदालत की टिप्पणी
न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने सुनवाई के दौरान तमिलनाडु पुलिस के रुख पर नाराजगी जताई। अदालत के अनुसार, पुलिस उन कारणों का बार-बार हवाला देकर अनुमति देने से इनकार कर रही थी, जिन पर पहले भी न्यायिक विचार किया जा चुका था। RSS की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन.एल. राजा ने पक्ष रखा। याचिका में वार्षिक विजयादशमी कार्यक्रम के तहत रूट मार्च और सार्वजनिक सभाएं आयोजित करने की अनुमति मांगी गई थी।

 

किन कारणों से पुलिस ने खारिज किए थे आवेदन?
RSS ने 18 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को मार्च निकालने के लिए वैकल्पिक तारीखों के साथ आवेदन दिए थे। पुलिस ने प्रस्तावित मार्गों के पास दूसरे समुदायों के धार्मिक स्थलों और समाज सुधारकों की मूर्तियों की मौजूदगी, यातायात बाधित होने, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जैसे कारणों का हवाला दिया था। हाई कोर्ट ने कहा कि इन कारणों पर पहले विचार किया जा चुका है और इन्हें अपने आप में अनुमति रोकने के लिए पर्याप्त आधार नहीं माना गया था।

 

2022 से अनुमति के लिए अदालत पहुंच रहा RSS
सुनवाई के दौरान अदालत ने उल्लेख किया कि RSS वर्ष 2022 से रूट मार्च की अनुमति के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहा है। कोर्ट ने अपने पुराने आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि संगठन को रूट मार्च निकालने का अधिकार है, हालांकि कानून के तहत उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इस मामले में अदालत की टिप्पणी सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति और प्रशासन की ओर से लगाए जाने वाले प्रतिबंधों के बीच संतुलन के सवाल को सामने लाती है।

 

सार्वजनिक सड़कें सभी नागरिकों के लिए हैं
हाई कोर्ट ने 2023 के एक पुराने आदेश का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि सार्वजनिक सड़कें किसी एक धर्म, जाति या समुदाय की संपत्ति नहीं हैं। उनका इस्तेमाल सभी लोग कर सकते हैं। अदालत की इस टिप्पणी का संदर्भ सार्वजनिक स्थानों के समान उपयोग और रूट मार्च जैसे आयोजनों की अनुमति से जुड़ा है। हालांकि, ऐसे आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात प्रबंधन के लिए प्रशासन उचित शर्तें लागू कर सकता है।

 

25 अक्टूबर और 1 नवंबर के मार्च पर रहेगी नजर
हाई कोर्ट के आदेश के बाद तमिलनाडु में RSS के प्रस्तावित मार्च को लेकर आगे की तैयारियां अहम होंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मार्च दो तारीखों पर 128 स्थानों पर आयोजित किए जाने हैं। आयोजन के दौरान प्रशासनिक शर्तों, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। मामले में अदालत का फैसला धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति से जुड़े व्यापक कानूनी प्रश्नों पर भी ध्यान खींचता है।

 

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Pooja Reddy

Pooja Reddy

16 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

18 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

18 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

20 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Anika Rajput

Anika Rajput

20 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

22 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

22 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Priya Iyer

Priya Iyer

1 दिन पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

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