Private Teachers for Census: जनगणना ड्यूटी में निजी स्कूलों के शिक्षक भी होंगे शामिल

जनगणना ड्यूटी में निजी स्कूलों के शिक्षक भी होंगे शामिल
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Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

11 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

15 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

16 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Anjali Patil

Anjali Patil

18 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Nisha Shah

Nisha Shah

19 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Anika Rajput

Anika Rajput

19 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Riya Jain

Riya Jain

21 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Neel Saxena

Neel Saxena

22 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

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जनगणना ड्यूटी में निजी स्कूलों के शिक्षक भी होंगे शामिल
केंद्र सरकार ने जनगणना नियम, 1990 में संशोधन किया है। इसके बाद राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी जनगणना कार्य के लिए प्रगणक नियुक्त कर सकेंगे। यह बदलाव भारत के महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से किया गया है। संशोधित नियमों में निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

 

किन लोगों को सौंपी जा सकती है जनगणना की जिम्मेदारी?
अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिकारी और प्रगणक के रूप में तीन व्यापक वर्गों के लोगों को नियुक्त किया जा सकता है। पहले वर्ग में सरकारी, स्थानीय निकायों और सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त निजी संस्थानों, सोसायटी तथा न्यासों से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं। दूसरे वर्ग में केंद्र और राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों तथा विभिन्न प्रतिष्ठानों के लिपिक और अधिकारी आते हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, वैधानिक निकाय, बैंक, कंपनियां, संस्थान, सोसायटी और न्यास भी शामिल हैं। तीसरे वर्ग में वे लोग आते हैं, जिन्हें संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन इस काम के लिए उपयुक्त मानता है।

 

हरियाणा के निजी स्कूलों की याचिका के बीच संशोधन
नियमों में यह बदलाव पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चल रहे एक मामले के बीच हुआ है। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस ने गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी में लगाने के फैसले को चुनौती दी थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ ने 8 अक्टूबर को हरियाणा सरकार के उन दो पत्रों पर रोक लगा दी थी, जिनके जरिए जनगणना ड्यूटी के लिए शिक्षकों का विवरण मांगा गया था। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल, 2027 को निर्धारित है।

 

याचिकाकर्ताओं ने क्या दलील दी थी?
याचिकाकर्ता का तर्क था कि जनगणना अधिनियम, 1948 और उसके तहत बनाए गए नियमों में गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को प्रगणक या पर्यवेक्षक नियुक्त करने के लिए उनकी सेवाएं लेने का स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं है। याचिका में जनगणना अधिनियम की धारा 4ए का भी उल्लेख किया गया था, जिसके तहत जनगणना संबंधी कार्यों में स्थानीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं लेने का प्रावधान बताया गया। याचिकाकर्ता के अनुसार, गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल और उनके कर्मचारी स्थानीय निकायों के दायरे में नहीं आते। केंद्र सरकार का संशोधन अब निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को नियमों में स्पष्ट रूप से शामिल करता है।

 

दो चरणों में होगी वर्ष 2027 की जनगणना
वर्ष 2027 की जनगणना स्वतंत्रता के बाद भारत की आठवीं जनगणना होगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और मकान गणना का काम होगा, जबकि दूसरे चरण में देश की आबादी की गणना की जाएगी। भारत में सामान्य रूप से हर दस साल में जनगणना होती है। वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। अब अगली जनगणना की प्रक्रिया वर्ष 2027 में निर्धारित की गई है।

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Yash Kulkarni

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11 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Yash Kulkarni

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15 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

16 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Anjali Patil

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18 घंटे पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Nisha Shah

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19 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Anika Rajput

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19 घंटे पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Riya Jain

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21 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Neel Saxena

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22 घंटे पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

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