Swachh Vayu Survekshan 2026: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ नंबर-1

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ नंबर-1
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Vihaan Patel

Vihaan Patel

10 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Nisha Shah

Nisha Shah

11 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Sonu rai

Sonu rai

13 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Monika Das

Monika Das

14 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

16 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के परिणामों में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने देश के बड़े शहरों में पहला स्थान हासिल किया है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ को 198 अंक मिले हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर ने 197 अंकों के साथ दूसरा, जबकि जबलपुर ने 195 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

 

इंदौर, जबलपुर और भोपाल का शानदार प्रदर्शन
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की बड़ी आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में मध्य प्रदेश का प्रदर्शन खासा बेहतर रहा। इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि भोपाल ने 192 अंकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भोपाल और आगरा को संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रखा गया है। गुजरात का सूरत पांचवें स्थान पर रहा।
इस तरह 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की टॉप-5 सूची में मध्य प्रदेश के तीन शहर—इंदौर, जबलपुर और भोपाल शामिल रहे।

 

रायपुर छठे स्थान पर, दिल्ली और मुंबई पिछड़े
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने 189 अंकों के साथ छठा स्थान हासिल किया है। वहीं दुर्ग-भिलाई 175.3 अंकों के साथ 17वें स्थान पर रहा। देश की राजधानी दिल्ली इस सूची में 172 अंकों के साथ 21वें स्थान पर रही, जबकि मुंबई को 160.8 अंकों के साथ 28वां स्थान मिला। बड़े महानगरों की तुलना में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के शहरों का प्रदर्शन इस बार बेहतर नजर आया।

 

3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में राउरकेला अव्वल
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की कैटेगरी-II में 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों को शामिल किया गया है। इस श्रेणी में ओडिशा के राउरकेला ने 198.5 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। फिरोजाबाद और गुंटूर 195-195 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। छत्तीसगढ़ का कोरबा 186.5 अंकों के साथ 10वें स्थान पर रहा। मध्य प्रदेश के उज्जैन को 181.5 अंकों के साथ 13वां, सागर को 178 अंकों के साथ 18वां और ग्वालियर को 157 अंकों के साथ 30वां स्थान मिला।

 

3 लाख से कम आबादी वाली कैटेगरी में कलिंग नगर नंबर-1
कैटेगरी-III में 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों को शामिल किया गया है। इस श्रेणी में कलिंग नगर ने 198.5 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। अंगुल 196.5 अंकों के साथ दूसरे और तालचेर 193.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
मध्य प्रदेश का देवास इस श्रेणी में 188 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहा।

 

वायु प्रदूषण कम करने के लिए इंदौर में कई स्तरों पर काम
इंदौर के बेहतर प्रदर्शन के पीछे शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को अहम माना जा रहा है। सड़क की धूल पर नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने, निर्माण एवं तोड़फोड़ के मलबे के वैज्ञानिक प्रबंधन और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपायों पर जोर दिया गया है।
शहर की प्रमुख सड़कों की सफाई के लिए मैकेनिकल और सीएनजी चालित स्वीपिंग मशीनों का उपयोग, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव तथा सड़कों के किनारों को पक्का करने जैसे कदम उठाए गए हैं।

 

ग्रीन बेल्ट और पौधरोपण पर भी जोर
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों, डिवाइडरों और पार्कों में पौधरोपण तथा ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों के आसपास हरियाली बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन और निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था भी प्रदूषण नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा है।

 

ई-वाहनों और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा
इंदौर में सार्वजनिक परिवहन और कचरा संग्रहण व्यवस्था में स्वच्छ ईंधन तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। ई-बसों और ई-रिक्शा के साथ ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं गीले कचरे से बायो-सीएनजी बनाने और निर्माण मलबे को प्रोसेस कर दोबारा उपयोग में लाने की पहल भी पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

स्वच्छ हवा के मामले में एमपी के शहरों का बढ़ा कद
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के परिणाम मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंदौर, जबलपुर और भोपाल का टॉप-5 में शामिल होना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। वहीं देवास, उज्जैन, सागर और ग्वालियर ने भी अपनी-अपनी श्रेणियों में स्थान हासिल किया है।

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Vihaan Patel

Vihaan Patel

10 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Nisha Shah

Nisha Shah

11 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Sonu rai

Sonu rai

13 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Monika Das

Monika Das

14 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Ritika Ghosh

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16 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

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