अंतरराष्ट्रीय गोल्फ में भारत की उभरती युवा प्रतिभा: दूसरे राउंड में 69 का शानदार स्कोर बनाया।

दूसरे राउंड में 69 का शानदार स्कोर बनाया।
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 सिर्फ 13 साल की उम्र में दुनिया में छाईं ओजस्विनी! गोल्फ के मैदान में ऐसा कमबैक, बना दिया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

 

जिस उम्र में बच्चे अपने खेल की शुरुआत कर रहे होते हैं, उस उम्र में जयपुर की ओजस्विनी सारस्वत ने अंतरराष्ट्रीय गोल्फ में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने हीरो विमेंस इंडियन ओपन में कट हासिल कर भारतीय गोल्फ के लिए बड़ी उपलब्धि दर्ज की। उनका प्रदर्शन बताता है कि कम उम्र, बड़े सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनती।

 

ओजस्विनी की उपलब्धि की 7 बड़ी बातें

 

 इतनी कम उम्र में बनाया खास रिकॉर्ड

ओजस्विनी लेडीज यूरोपियन टूर (LET) के किसी टूर्नामेंट में कट हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं।

 

 पहले राउंड में पीछे, दूसरे में शानदार वापसी

पहले राउंड में उनका स्कोर 79 यानी सात ओवर रहा। लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए 69 यानी तीन अंडर का स्कोर बनाया।

 

कुल 148 के स्कोर से हासिल किया कट

दोनों राउंड का कुल स्कोर 148 यानी चार ओवर रहा। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने टूर्नामेंट के अगले चरण में जगह बनाई और संयुक्त 26वें स्थान (T-26) पर रहीं।

 

  दूसरे राउंड में बर्डी की बरसात

ओजस्विनी ने दूसरे राउंड में सात बर्डी लगाईं। चार बोगी के बावजूद उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने चारों पार-3 होल पर बर्डी हासिल की और लगातार तीन बर्डी लगाकर अपनी लय दिखाई।

 

  चार साल की उम्र में शुरू किया था गोल्फ

ओजस्विनी ने महज चार साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया था। मोहाली गोल्फ रेंज के नजदीक रहने के दौरान इस खेल के प्रति उनकी रुचि बढ़ी। वर्तमान में वह जयपुर के रामबाग गोल्फ क्लब में प्रशिक्षण लेती हैं।


 

 

पहले भी जीत चुकी हैं अंतरराष्ट्रीय पदक

वर्ष 2024 में ओजस्विनी यूएस किड्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में उपविजेता रही थीं। उसी साल उन्होंने यूएस किड्स यूरोपियन चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता था।

 

परिवार के सहयोग को बताया सफलता की ताकत

आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली ओजस्विनी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, भाई और प्रायोजकों के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि पिछले साल इंडियन ओपन देखने के बाद उनके मन में इस प्रतियोगिता में खेलने की इच्छा जगी थी, जो अब यादगार अनुभव बन गई।

 

भारतीय गोल्फ के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?

कम उम्र में बड़ी पहचान: दुनिया के प्रमुख महिला गोल्फ टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन।

दबाव में वापसी: पहले राउंड के मुकाबले दूसरे राउंड में बेहतर स्कोर।

अंतरराष्ट्रीय अनुभव: पेशेवर खिलाड़ियों के बीच खुद को साबित करने का अवसर।

भविष्य की उम्मीद: भारतीय महिला गोल्फ में उभरती प्रतिभा के रूप में पहचान।

ओजस्विनी की यह सफलता उनके लंबे अभ्यास, आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है। आने वाले वर्षों में उनके प्रदर्शन पर गोल्फ प्रेमियों की नजर रहेगी।

 

   

 

   

 

 

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