जनकपुर बस स्टैंड विरोध: जब नहीं सुनी फरियाद तो बस स्टैंड में ही उगा दी धान की फसल!

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शहडोल। जिले के जनकपुर बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब अनोखे विरोध प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। लंबे समय से साफ-सफाई, जल निकासी और बस स्टैंड की व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे ग्रामीणों ने जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करने के लिए बस स्टैंड परिसर में भरे कीचड़ के बीच धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों के इस अनोखे विरोध ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि बस स्टैंड की बदहाली को लेकर वे कई बार विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष सहित जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष आवेदन और शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। बस स्टैंड परिसर में पानी भरने के साथ चारों ओर कीचड़ फैल जाता है, जिससे यात्रियों, दुकानदारों और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

 

बस स्टैंड है या धान का खेत?’ ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से पूछा सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि जब बार-बार शिकायत करने और आवेदन देने के बावजूद जिम्मेदारों ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से बस स्टैंड के कीचड़ में ही धान की रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने अपने अनोखे प्रदर्शन के जरिए जिम्मेदारों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि यदि समय रहते बस स्टैंड की व्यवस्था ठीक नहीं की गई तो आने वाले दिनों में यह स्थान बसों और यात्रियों के बजाय धान की फसल के लिए पहचाना जाएगा।

 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक से लेकर नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों तक कई बार समस्या पहुंचाई गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर बारिश में बस स्टैंड की यही तस्वीर सामने आती है और ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि बस स्टैंड परिसर में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था, साफ-सफाई और पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

 

फिलहाल, जनकपुर बस स्टैंड में ग्रामीणों द्वारा किया गया यह अनोखा विरोध चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि कीचड़ में रोपी गई धान की फसल जिम्मेदारों की नींद खोल पाती है या फिर ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक बार फिर किसी नए तरीके से विरोध करने को मजबूर होना पड़ेगा।

 

बारिश में यात्रियों की बढ़ती मुश्किलें

बस स्टैंड परिसर में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी जमा हो जाता है। पानी और कीचड़ के चलते यात्रियों को बसों तक पहुंचने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

 

 

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