छात्रों को ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी: पुलिस वैन में धमकी का वीडियो वायरल
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Simran Arora
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Ada khan
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Monika Das
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
मुंबई में NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध के दौरान पुलिस हिरासत में लिए गए छात्रों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में पुलिस वाहन चला रहा एक कांस्टेबल छात्रों से कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात करता और गंभीर धमकियां देता सुनाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस छेड़ दी। कई संगठनों और लोगों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
ड्रग्स केस में फंसाने की कथित धमकी
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी की पहचान पवन सांगले के रूप में बताई जा रही है। कथित तौर पर वह छात्रों से कहता सुनाई देता है कि यदि वे दोबारा प्रदर्शन करते मिले तो उनकी जेब में "50-50 ग्राम पाउडर" डालकर झूठे ड्रग्स मामले में फंसा दिया जाएगा। वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि वह जमानत नहीं मिलने और पूरी जिंदगी जेल में रहने जैसी बातें कहता है। इन कथित टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
छात्र ने मोबाइल से रिकॉर्ड किया वीडियो
बताया जा रहा है कि पुलिस वाहन में बैठे एक छात्र ने पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल फोन से चुपचाप रिकॉर्ड कर लिया। पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, जहां यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद आम नागरिकों, छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुंबई पुलिस का त्वरित एक्शन
वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की। कांस्टेबल पवन सांगले को निलंबित कर विभागीय प्रक्रिया शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी के अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
विभागीय जांच में जुटे अधिकारी
डीसीपी (ऑपरेशंस) के नेतृत्व में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच टीम वायरल वीडियो की प्रामाणिकता, घटनाक्रम और संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। साथ ही वाहन में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
छात्र संगठनों और विपक्ष की प्रतिक्रिया
घटना सामने आने के बाद छात्र संगठनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। विपक्षी दलों ने भी मामले को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन की आलोचना की तथा कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ कानूनसम्मत व्यवहार होना चाहिए। वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई तय होगी।



