महाराष्ट्र में बारिश का कहर, 61 से ज्यादा ट्रेनें: मुंबई में रेड-ऑरेंज अलर्ट, जनजीवन बेहाल

मुंबई में रेड-ऑरेंज अलर्ट, जनजीवन बेहाल
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Anika Rajput

Anika Rajput

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

0 सेकंड पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Nisha Shah

Nisha Shah

0 सेकंड पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Pranav Srivastava

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0 सेकंड पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Aarohi Chaudhary

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0 सेकंड पहले

Hum is cause ke saath hain!

Dev Kapoor

Dev Kapoor

0 सेकंड पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

0 सेकंड पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Priya Iyer

Priya Iyer

0 सेकंड पहले

Hum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.

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महाराष्ट्र और तटीय कोंकण क्षेत्र में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पालघर और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में ऑरेंज अलर्ट लागू है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कें पानी में डूब गई हैं और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।


61 से अधिक ट्रेनें रद्द, रेल यातायात प्रभावित
भारी बारिश के कारण दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा से लगे पालघर तथा डहाणू क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गए हैं। सुरक्षा कारणों से पश्चिमी रेलवे ने मुंबई और गुजरात के बीच चलने वाली 61 से अधिक ट्रेनों का संचालन रद्द कर दिया है। प्रभावित ट्रेनों में वंदे भारत एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, कर्णावती एक्सप्रेस और तेजस राजधानी जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रैक पर जलस्तर बढ़ने के कारण परिचालन रोकना आवश्यक हो गया। यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।


मुंबई में जलभराव और हाई टाइड का खतरा
मुंबई के कांदिवली, बोरीवली, अंधेरी, ठाणे और कल्याण सहित कई इलाकों में लगातार बारिश से जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के साथ होने वाला हाई टाइड निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। समुद्र तटों पर तेज लहरें उठने की संभावना भी जताई गई है। प्रशासन ने नागरिकों को समुद्र किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।

 

मछुआरों और यात्रियों के लिए विशेष चेतावनी
अरब सागर में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी जारी की गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन दलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं।


गोवा और घाट क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा
गोवा मौसम केंद्र ने उत्तर और दक्षिण गोवा के लिए येलो अलर्ट जारी रखते हुए अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के घाट क्षेत्रों, विशेषकर लोनावला और खंडाला में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। लगातार बारिश के कारण दृश्यता भी काफी कम हो गई है। प्रशासन ने यात्रियों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। सड़क एजेंसियां संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं।


प्रशासन अलर्ट पर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
राज्य सरकार, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत और बचाव दल तैनात किए गए हैं तथा पंपिंग स्टेशनों के जरिए पानी निकालने का कार्य जारी है। नागरिकों से मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने, नदी-नालों और समुद्र तटों से दूर रहने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। अगले 24 से 48 घंटे महाराष्ट्र, मुंबई, कोंकण और गोवा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, इसलिए सतर्कता बरतना आवश्यक है।

 

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Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Nisha Shah

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Neha Tripathi

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Aarohi Chaudhary

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Dev Kapoor

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Pihu Agarwal

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Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Priya Iyer

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