आवासीय नक्शे पर चल रहा था रेस्टोरेंट: स्वाद रेस्टोरेंट पहुंची नगर निगम की JCB

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कटनी शहर में भवन उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े नियमों को लेकर एक मामला सामने आया है, जिसने नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्टर कार्यालय के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित स्वाद रेस्टोरेंट में सोमवार को उस समय हलचल मच गई, जब नगर निगम का अमला जेसीबी मशीन और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचा। निगम को शिकायत मिली थी कि जिस भवन में रेस्टोरेंट संचालित हो रहा है, उसका स्वीकृत नक्शा कथित तौर पर आवासीय उपयोग के लिए है, जबकि मौके पर व्यावसायिक गतिविधि संचालित की जा रही थी। इसके अलावा कथित अतिक्रमण को लेकर भी शिकायत सामने आने की बात कही जा रही है।
आवासीय नक्शा तो रेस्टोरेंट किस अनुमति से चल रहा था?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल भवन के स्वीकृत उपयोग को लेकर है। यदि संबंधित भवन का नक्शा वास्तव में आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत है, तो वहां रेस्टोरेंट जैसी व्यावसायिक गतिविधि किस अनुमति के आधार पर संचालित हो रही थी? क्या भवन के उपयोग परिवर्तन की अनुमति ली गई थी? क्या रेस्टोरेंट संचालन के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमतियां मौजूद थीं? इन सवालों का जवाब नगर निगम के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जेसीबी लेकर पहुंचा नगर निगम का अमला
शिकायतों के आधार पर नगर निगम की टीम सोमवार को जेसीबी मशीन और कर्मचारियों के साथ रेस्टोरेंट परिसर पहुंची। जेसीबी की मौजूदगी से मौके पर संभावित कार्रवाई को लेकर हलचल बढ़ गई। निगम अधिकारियों ने भवन से जुड़े दस्तावेजों और मौके पर संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही कथित अतिक्रमण की शिकायत को लेकर भी स्थल की स्थिति देखे जाने की बात सामने आई।
कार्रवाई से पहले संचालक ने दिया लिखित आश्वासन
मामले में सबसे अहम घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब रेस्टोरेंट संचालक निलेश चौदहा ने नगर निगम अधिकारियों के समक्ष उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद संचालक की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया कि संबंधित स्थल पर तत्काल प्रभाव से व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन बंद रखा जाएगा।
लिखित आश्वासन में यह भी कहा गया कि जब तक रेस्टोरेंट अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधि के संचालन के लिए नियमानुसार आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं हो जाती, तब तक प्रतिष्ठान का संचालन नहीं किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद नगर निगम की टीम ने फिलहाल मौके पर प्रस्तावित कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाया और वापस लौट गई।
लिखित आश्वासन ने खड़े किए कई सवाल
अब सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि रेस्टोरेंट का संचालन पूरी तरह नियमों के अनुरूप था, तो कार्रवाई के दौरान उसे बंद रखने का लिखित आश्वासन देने की आवश्यकता क्यों पड़ी? वहीं, यदि अनुमति से जुड़ा कोई मामला लंबित था, तो अनुमति मिलने से पहले व्यावसायिक गतिविधि किस आधार पर संचालित की जा रही थी? इन सवालों का जवाब संबंधित दस्तावेजों और निगम की जांच से ही सामने आएगा।
कथित राजनीतिक दबाव की चर्चाएं, आधिकारिक पुष्टि नहीं
नगर निगम की कार्रवाई के बाद शहर में यह चर्चा भी सामने आई कि कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक स्तर पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। हालांकि, इस संबंध में नगर निगम या किसी संबंधित अधिकारी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए राजनीतिक दबाव से जुड़े दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
अब निगम की अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल रेस्टोरेंट संचालक की ओर से संचालन बंद रखने का लिखित आश्वासन दिया जा चुका है और निगम का अमला मौके से लौट चुका है। लेकिन मामला यहीं खत्म होता नजर नहीं आ रहा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम संबंधित भवन के स्वीकृत नक्शे, वास्तविक उपयोग, उपयोग परिवर्तन की अनुमति और रेस्टोरेंट संचालन से जुड़ी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच करता है या नहीं।
साथ ही कथित अतिक्रमण की शिकायत में कितनी सच्चाई है और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदारी किसकी तय होती है, यह भी जांच का अहम हिस्सा होगा।
JCB वापस लौटी, लेकिन सवाल अभी बाकी
स्वाद रेस्टोरेंट पहुंची नगर निगम की जेसीबी फिलहाल वापस लौट गई है, लेकिन इस कार्रवाई ने भवन उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत भवन में बिना वैध अनुमति व्यावसायिक गतिविधि संचालित किए जाने की पुष्टि होती है, तो मामला केवल एक रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह नगर निगम की निगरानी और नियमों के समान अनुपालन पर भी बहस खड़ी कर सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या नगर निगम रिकॉर्ड खंगालकर पूरे मामले की जांच करेगा, कथित कब्जों की पैमाइश होगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी, या फिर लिखित आश्वासन के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा? फिलहाल शहर की नजर निगम की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।


