Eco Friendly Durga Puja: कोलकाता में 13,000 रिसाइकिल पेन से बनी मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेIs update ka bahut intezaar tha.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेYeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेAcchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.
Nisha Shah
2 घंटे पहलेTrending news — padhe zaroor aur dosto ko bhejo.
Shruti Bajpai
3 घंटे पहलेYeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.
दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आस्था, कला और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। त्रिधारा सम्मिलनी दुर्गा पूजा पंडाल में पेन्टोनिक (Pentonic) की पहल पर लगभग 13,000 रिसाइकिल प्लास्टिक पेन और इतनी ही रिफिल का इस्तेमाल करके मां दुर्गा की करीब 5.5 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा तैयार की गई है। यह अनोखी कलाकृति बेकार समझे जाने वाले प्लास्टिक को रचनात्मक तरीके से दोबारा उपयोग में लाने का संदेश देती है।
13 हजार पेन से तैयार की गई आकर्षक प्रतिमा
इस अनूठी प्रतिमा को कोलकाता के कलाकार चंद्र नाथ साहा, जिन्हें तिलक के नाम से भी जाना जाता है, ने तैयार किया है। प्रतिमा में प्लास्टिक पेन और उनकी कैप्स का इस्तेमाल करते हुए मां दुर्गा के स्वरूप और मुकुट को बेहद कलात्मक तरीके से आकार दिया गया है। बड़ी संख्या में पेन और रिफिल को एक साथ जोड़कर तैयार की गई यह कलाकृति दर्शाती है कि रचनात्मक सोच के जरिए अनुपयोगी वस्तुओं को भी आकर्षक कलात्मक रूप दिया जा सकता है।
त्रिधारा सम्मिलनी पंडाल में देखने को मिल रही अनूठी पहल
कोलकाता की दुर्गा पूजा देश-विदेश में अपनी भव्य सजावट, कलात्मक पंडालों और अनूठी थीम के लिए जानी जाती है। इसी परंपरा में त्रिधारा सम्मिलनी पंडाल की यह पहल धार्मिक उत्सव के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को भी सामने लाती है। पेन्टोनिक, लिंक लिमिटेड का पेन ब्रांड, इस परियोजना के माध्यम से कला और सस्टेनेबिलिटी यानी टिकाऊ पर्यावरणीय प्रथाओं के बीच संबंध को प्रदर्शित कर रहा है।
पूजा के बाद प्रतिमा का नहीं होगा पारंपरिक विसर्जन
इस परियोजना की खास बात यह है कि पूजा समाप्त होने के बाद प्रतिमा का पारंपरिक तरीके से विसर्जन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय प्रतिमा को खोलकर उसके प्लास्टिक हिस्सों को दोबारा रिसाइकिल करने की योजना है। इससे इस्तेमाल की गई सामग्री को फिर से उपयोग में लाने और प्लास्टिक कचरे को कम करने के महत्व पर ध्यान आकर्षित किया जा रहा है।
प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण का दिया संदेश
प्लास्टिक कचरा आज पर्यावरण के सामने बड़ी चुनौतियों में से एक है। ऐसे में रोजमर्रा की वस्तुओं को दोबारा इस्तेमाल करने और रिसाइकिल करने की पहल लोगों को अधिक जिम्मेदार उपभोग के लिए प्रेरित कर सकती है। पेन से मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करने का यह प्रयोग बताता है कि त्योहारों की रचनात्मकता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी जोड़ा जा सकता है।
आस्था, कला और सस्टेनेबिलिटी का संगम
कोलकाता की यह अनूठी प्रतिमा दुर्गा पूजा की सांस्कृतिक भव्यता के साथ एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय संदेश भी प्रस्तुत करती है। करीब 13,000 रिसाइकिल प्लास्टिक पेन और इतनी ही रिफिल से तैयार यह कलाकृति लोगों को कचरे के पुनर्चक्रण, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और टिकाऊ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का प्रयास है। यह पहल दिखाती है कि परंपरा और आधुनिक पर्यावरणीय सोच को साथ लेकर भी उत्सव को यादगार बनाया जा सकता है।






