Tiger Shroff firing case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में जांच का दायरा बढ़ा, अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में जांच का दायरा बढ़ा, अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार
प्रतिक्रियाएँ

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं

पहले आप अपनी बात रखें

Comments • Reactions • Feedback

मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस घटना के पीछे की कथित साजिश का पता लगाने के लिए हथियारों की सप्लाई से लेकर शूटरों की मदद करने और घटनास्थल की रेकी करने तक की सभी कड़ियों की जांच कर रही है। मामले की जांच का दायरा हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब तक पहुंच गया है।


जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार कहां से जुटाए गए, उन्हें मुंबई तक कैसे पहुंचाया गया और कथित शूटरों को किसने सहायता दी। मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, आपसी बातचीत, डिजिटल सबूतों और पैसों के लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इस पूरे नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गोलीबारी की योजना किसने बनाई, इसमें किन लोगों की क्या भूमिका थी और क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

 

 

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस कथित शूटरों के साथ-साथ हथियारों की व्यवस्था करने, उन्हें मुंबई तक पहुंचाने, घटनास्थल की रेकी करने और आरोपियों की मदद करने वाले लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले की जांच हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब तक पहुंच गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी की साजिश किसने रची और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

 

जुहू इलाके में हुई थी गोलीबारी
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी हुई थी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई की।
जांच के दौरान राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्ध शूटरों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद दिल्ली और हरियाणा में भी कार्रवाई की गई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी अन्य कड़ियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

 

हथियारों की सप्लाई से मुंबई तक पहुंचाने की जांच
पुलिस की जांच में हथियारों की व्यवस्था करने और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका भी सामने आई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, कुणाल और सुमित पर हथियारों की व्यवस्था करने में मदद करने का आरोप है।
जांच में अमृतसर से पिस्तौल और कारतूस जुटाने की बात सामने आई है। इसके बाद हथियारों को दिल्ली के रास्ते मुंबई तक पहुंचाए जाने की आशंका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार किसके जरिए खरीदे या जुटाए गए और उन्हें कथित शूटरों तक कैसे पहुंचाया गया।

 

दो महिलाओं पर हथियार पहुंचाने में मदद का आरोप
मामले में राधा और बबीता नाम की दो महिलाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर हथियारों को मुंबई ले जाने और आगे पहुंचाने में मदद करने का आरोप है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, दोनों महिलाएं ट्रेन से मुंबई पहुंची थीं। पुलिस अब उनकी यात्रा, आरोपियों के साथ संपर्क और हथियारों की आवाजाही से संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।

 

अंकित खटक पर रेकी करने का संदेह
जांच में अंकित खटक की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उस पर कथित शूटरों के लिए जगहों की रेकी करने और पैसों के लेन-देन में मदद करने का संदेह है।
इसके अलावा जतिन और समीर को भी मामले में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। समीर पर कथित तौर पर शूटरों और उनके संपर्कों के बीच समन्वय बनाने तथा अन्य व्यवस्थाओं में मदद करने का आरोप है।
पुलिस इन सभी आरोपियों की भूमिका अलग-अलग जांच रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि गोलीबारी की योजना किसने बनाई, घटनास्थल की जानकारी किसने जुटाई और आरोपियों को वारदात को अंजाम देने के लिए किस तरह की सहायता मिली।

 

मोबाइल फोन और डिजिटल सबूतों की भी जांच
गोलीबारी के मामले में पुलिस केवल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन, आपसी बातचीत और डिजिटल माध्यमों से हुए संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना से पहले और बाद में आरोपियों के बीच किस तरह बातचीत हुई थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य बॉलीवुड हस्तियों के आवासों की रेकी की गई थी या नहीं।
पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल सबूतों और पूछताछ से कथित साजिश में शामिल लोगों के संपर्कों और उनकी भूमिका को समझने में मदद मिल सकती है।

चार राज्यों तक फैली जांच, पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां
इस मामले की जांच मुंबई से आगे बढ़कर हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब तक पहुंच गई है। अलग-अलग स्थानों से जुड़े संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस हथियारों की सप्लाई, कथित शूटरों की गतिविधियों, रेकी और आर्थिक लेन-देन के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपियों के बीच संपर्क कैसे स्थापित हुआ और क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

 

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी साजिश की पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़ी सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अब तक सामने आई गिरफ्तारियों और आरोपों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। हथियारों की व्यवस्था करने, कथित शूटरों को सहायता देने और घटना से पहले रेकी करने के आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
आने वाले दिनों में पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि गोलीबारी की योजना कैसे बनाई गई, हथियार कहां से आए और इस मामले में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।

प्रतिक्रियाएँ

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं

पहले आप अपनी बात रखें

Comments • Reactions • Feedback

खबरे और भी है...