IPS Success Story: प्री-बोर्ड में फेल हुए थे मोहिबुल्लाह, अब अमेरिका में मिलेगा सम्मान

Anil Sen
0 सेकंड पहलेSapne dekhne waale hi unhe poora karte hain.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेSapne dekhne waale hi unhe poora karte hain.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेMushkilon se haar nahi maani, yehi asli jeet hai.
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेMehnat kabhi bekar nahi jaati, yeh aaj saabit hua.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेHaar ke baad jeetna hi asli champion ki pehchaan hai.
Navya Nair
17 मिनट पहलेHaar ke baad jeetna hi asli champion ki pehchaan hai.
Ishaan Tiwari
38 मिनट पहलेYeh story sabko share karni chahiye, bahut motivating hai.
Neel Saxena
1 घंटे पहलेYeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!
अमेरिका में मिलेगा सम्मान बिहार के मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी को अमेरिका में ‘द एशियन हीरो अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान 13 दिसंबर 2026 को फ्लोरिडा के टाम्पा शहर में आयोजित सातवें ‘वर्ल्ड फेयर एंड फेस्टिवल 2026’ के दौरान दिया जाएगा।
प्री-बोर्ड में हुए थे फेल मोहिबुल्लाह अंसारी के जीवन में एक समय ऐसा भी आया था जब वह स्कूल की प्री-बोर्ड परीक्षा में फेल हो गए थे। इस नाकामी के बाद पिता की नाराजगी और उनकी बातों ने उन्हें अपनी पढ़ाई पर गंभीरता से ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
आईआईटी दिल्ली में दाखिला मोहिबुल्लाह ने मेहनत के दम पर जेईई मेन्स और जेईई एडवांस की परीक्षा पास की। साल 2011 में उन्होंने आईआईटी दिल्ली में केमिकल इंजीनियरिंग के बीटेक पाठ्यक्रम में दाखिला लिया और अपनी पढ़ाई पूरी की।
कॉरपोरेट नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी की। हालांकि, समाज के लिए काम करने की इच्छा के चलते उन्होंने नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।
381वीं रैंक से बने IPS यूपीएससी परीक्षा में शुरुआती असफलताओं के बावजूद मोहिबुल्लाह ने प्रयास जारी रखा। अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया 381वीं रैंक हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए।
मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी वर्तमान में मोहिबुल्लाह अंसारी मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी के पद पर तैनात हैं। पुलिस सेवा में उनके काम और जनता से जुड़कर काम करने की उनकी कोशिशों का उल्लेख उनकी सफलता की कहानी में किया जाता है।
संघर्ष से सम्मान तक का सफर प्री-बोर्ड में असफलता से लेकर आईआईटी दिल्ली, यूपीएससी और आईपीएस तक का उनका सफर युवाओं के लिए मेहनत और निरंतर प्रयास का उदाहरण पेश करता है। अब अमेरिका में मिलने जा रहा ‘द एशियन हीरो अवार्ड’ उनके सफर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान देगा।








