PM Deepfake Case: PM से जुड़ी डीपफेक तस्वीर मामले में CJP नेताओं को नोटिस

Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Anil Sen
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Arjun Singh
34 मिनट पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Rohan Desai
1 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Rohan Desai
1 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
14 बार दर्ज हुई आपत्ति इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की। ये आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा चुनावी मामलों से जुड़े फैसलों पर थीं।
फैसलों को लेकर सवाल रिपोर्ट के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ मामलों में कहा कि फैसले या आदेश उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना जारी किए गए। वहीं चुनाव आयोग ने कहा है कि अलग-अलग विचार, टिप्पणियां और सुझाव संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
मतदाता पंजीकरण पर आपत्ति रिपोर्ट में बताया गया कि नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े Form 6 में किए गए बदलाव को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इसे नियमों में बदलाव किए बिना किए गए परिवर्तन के रूप में उठाया।
वोटर डेटाबेस को लेकर चिंता दोनों चुनाव आयुक्तों ने चुनावी रोल के डिजिटल डेटाबेस तक पहुंच और उसके संचालन को लेकर भी सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने मतदाता सूची के डिजिटल सिस्टम के केंद्रीकरण और जमीनी स्तर के अधिकारियों की पहुंच से जुड़े मुद्दे उठाए।
सुखबीर सिंह संधू कौन हैं सुखबीर सिंह संधू उत्तराखंड कैडर के 1988 बैच के IAS अधिकारी हैं और मार्च 2024 से चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे उत्तराखंड के मुख्य सचिव और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
विवेक जोशी की भूमिका विवेक जोशी भी चुनाव आयुक्त हैं। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने मतदाता सूची, चुनावी डेटा और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े कुछ फैसलों पर अपनी आपत्तियां दर्ज की हैं।
चुनाव आयोग का पक्ष चुनाव आयोग से जुड़ी रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि तीन सदस्यीय आयोग ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से संयुक्त रूप से काम किया। इंडिया टुडे के अनुसार, आपत्तियों के दौर के बावजूद आयोग ने इस अवधि में कई संयुक्त ब्रीफिंग भी कीं।








