Mary Kom Life Story: गरीबी से विश्व चैंपियन बनने तक का सफर

गरीबी से विश्व चैंपियन बनने तक का सफर
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Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

0 सेकंड पहले

Mehnat kabhi bekar nahi jaati, yeh aaj saabit hua.

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भारत की दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम ने खेल की दुनिया में अपनी मेहनत, अनुशासन और जज्बे से अलग पहचान बनाई है। छह बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम अब अपने करियर के एक बिल्कुल अलग अध्याय में प्रवेश कर चुकी हैं। 6 सितंबर 2026 से शुरू हुए Bigg Boss 20 में मैरी कॉम बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रही हैं। रिंग में प्रतिद्वंद्वी से सीधा मुकाबला करने वाली मैरी अब कैमरे के सामने रिश्तों, भावनाओं और घर की चुनौतियों का सामना करती दिखाई देंगी।

 

गरीब किसान परिवार से निकलीं मैरी कॉम
मैरी कॉम का जन्म 1 मार्च 1983 को मणिपुर के एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। आर्थिक चुनौतियों के बीच उनका बचपन बीता और उन्होंने परिवार की मदद के लिए खेतों में भी काम किया। पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने अपने अंदर खेल के प्रति जुनून को भी जिंदा रखा। सीमित संसाधनों के बावजूद आगे बढ़ने की उनकी इच्छा ही उनके सफर की सबसे बड़ी ताकत बनी।

 

परिवार से छिपकर शुरू किया बॉक्सिंग का अभ्यास
मैरी कॉम को बचपन से एथलेटिक्स में रुचि थी। मणिपुर के स्टार बॉक्सर डिंग्को सिंह की सफलता ने उन्हें बॉक्सिंग की ओर प्रेरित किया। शुरुआती दौर में परिवार और समाज की सोच के कारण उन्होंने बॉक्सिंग की ट्रेनिंग छिपकर शुरू की। उनके पास महंगे खेल उपकरण और बेहतर सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन मेहनत और आत्मविश्वास की कमी नहीं थी।
साल 2000 में मणिपुर में हुई महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सफलता के बाद उनकी प्रतिभा सामने आई। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान मजबूत की।

 

छह बार विश्व चैंपियन बनकर रचा इतिहास
मैरी कॉम ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में छह बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें दुनिया की सबसे सफल महिला मुक्केबाजों में शामिल किया। इसके अलावा उन्होंने एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीते।
2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा। मुश्किल परिस्थितियों के बीच विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने करोड़ों भारतीयों को प्रेरित किया।

 

उम्र, चोट और चुनौतियों के बावजूद जारी रहा जज्बा
मैरी कॉम का सफर हमेशा आसान नहीं रहा। चोट और उम्र से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी मुक्केबाजी से जुड़ने की इच्छा बनाए रखी। 2022 में राष्ट्रमंडल खेलों के चयन ट्रायल के दौरान लगी ACL चोट के बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी बॉक्सिंग में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि उन्होंने यह संकेत दिया था कि उनके अंदर अभी भी बॉक्सिंग को लेकर काफी जुनून है और वह भविष्य में प्रोफेशनल बॉक्सिंग की संभावनाओं पर विचार कर सकती हैं।

 

Bigg Boss 20 में मैरी कॉम की नई पारी
अब मैरी कॉम ने खेल के मैदान से निकलकर मनोरंजन की दुनिया में नया अनुभव लेने का फैसला किया है। Bigg Boss 20 में एंट्री के बाद उन्होंने कहा कि वह शो में अपनी जिंदगी और व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को दर्शकों के सामने लाना चाहती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह घर में अनुशासन और जिम्मेदारी को महत्व देंगी।
शो में मैरी कॉम की मौजूदगी इसलिए भी खास है क्योंकि वह केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष और उपलब्धियों से बनी ऐसी शख्सियत हैं, जिन्हें देश की कई पीढ़ियां प्रेरणा के तौर पर देखती हैं।

 

प्रियंका चोपड़ा ने भी दी खास शुभकामनाएं
मैरी कॉम की Bigg Boss में एंट्री के दौरान अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की ओर से भी उन्हें खास संदेश मिला। प्रियंका चोपड़ा ने 2014 में बनी बायोपिक 'Mary Kom' में मैरी कॉम का किरदार निभाया था। Bigg Boss 20 के प्रीमियर के दौरान उन्होंने मैरी को नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं और बाकी कंटेस्टेंट्स को उनके 'नॉकआउट' अंदाज को लेकर मजेदार अंदाज में आगाह किया।

 

निजी जिंदगी भी बनी चर्चा का हिस्सा
Bigg Boss में आने से पहले मैरी कॉम की निजी जिंदगी और उनके वैवाहिक रिश्ते को लेकर भी मीडिया में अलग-अलग चर्चाएं सामने आईं। हालांकि इनसे जुड़े कई दावे अभी सार्वजनिक रूप से पुष्ट नहीं हैं। मैरी कॉम ने Bigg Boss में अपनी जिंदगी की सच्चाई और अपने अनुभवों पर बात करने की इच्छा जरूर जताई है। इसलिए आने वाले एपिसोड में उनके निजी सफर से जुड़े कुछ पहलुओं पर दर्शकों की नजर बनी हुई है।

 

मैरी कॉम की कहानी देती है बड़ा संदेश 
मैरी कॉम की कहानी केवल बॉक्सिंग की जीत की कहानी नहीं है। यह सीमित संसाधनों, सामाजिक सोच, पारिवारिक जिम्मेदारियों, चोट और लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच अपने सपने को जिंदा रखने की कहानी है। खेतों से लेकर विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप के मंच तक और अब Bigg Boss के घर तक का उनका सफर बताता है कि जिंदगी में नई चुनौती चाहे कितनी भी अलग क्यों न हो, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ उसका सामना किया जा सकता है।

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