राज्यसभा में अमित शाह पेश करेंगे दो अहम विधेयक: संसद के अंतिम दिनों में सरकार का बड़ा विधायी एजेंडा

Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Monika Das
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज राज्यसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेंगे। इनमें केरल के नाम में बदलाव से जुड़ा विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से संबंधित संशोधन विधेयक शामिल है। दोनों विधेयक लोकसभा से पारित हो चुके हैं। अब उच्च सदन में इन पर आगे की संसदीय प्रक्रिया होगी। मॉनसून सत्र के अंतिम चरण में सरकार लंबित विधेयकों को आगे बढ़ाने में जुटी है।
केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव
केरल (अल्टरेशन ऑफ नेम) बिल, 2026 के जरिए राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव है। केरल विधानसभा इस प्रस्ताव को पहले ही सर्वसम्मति से मंजूरी दे चुकी है। लोकसभा में भी विधेयक को मंजूरी मिल चुकी है। अब राज्यसभा की प्रक्रिया पूरी होना महत्वपूर्ण चरण होगा। नाम परिवर्तन के बाद संवैधानिक और आधिकारिक दस्तावेजों में नए नाम का इस्तेमाल किया जाएगा।
NCDC संशोधन विधेयक पर भी नजर
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम से संबंधित संशोधन विधेयक भी आज राज्यसभा में रखा जाएगा। यह विधेयक सहकारी क्षेत्र से जुड़े संस्थागत ढांचे और विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है। लोकसभा से इसे भी मंजूरी मिल चुकी है। राज्यसभा में चर्चा और मतदान के बाद इसकी संसदीय यात्रा आगे बढ़ेगी। सहकारी क्षेत्र से जुड़े राज्यों और संस्थाओं के लिए यह विधेयक अहम माना जा रहा है।
संसद में विपक्ष और सरकार के बीच तकरार जारी
मॉनसून सत्र के अंतिम दिनों में संसद के भीतर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है। दूसरी ओर सरकार लंबित विधेयकों को जल्द आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही प्रभावित होने की स्थिति भी बनी हुई है। ऐसे में आज की राज्यसभा कार्यवाही पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
FCRA बिल को लेकर भी सियासी खींचतान
विदेशी अंशदान नियामक अधिनियम यानी FCRA में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं। विपक्ष इस तरह के महत्वपूर्ण विधेयक पर विस्तृत जांच और चर्चा की मांग कर रहा है। सरकार की ओर से भी संसदीय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने के संकेत हैं। सत्र के अंतिम दिनों में यह मुद्दा सदन में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है। इससे सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।
नागपुर में ‘अमित शाह जवाब दो’ के पोस्टर
इसी बीच महाराष्ट्र के नागपुर में युवाओं के विरोध प्रदर्शन की खबर भी सामने आई है। महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न स्थानों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ जगहों पर ‘अमित शाह जवाब दो’ जैसे बैनर लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने छात्र और युवा हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की है। ऐसे में संसद के भीतर की राजनीतिक गर्मी के साथ नागपुर की सियासी गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है।







