छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विधानसभा में हंगामा: हंगामे के चलते झारखंड विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Navya Nair
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सदन में छाया रहा। बीजेपी विधायकों ने छात्रों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल का विरोध किया। विपक्ष ने सरकार से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
वेल में पहुंचे बीजेपी विधायक, जमकर नारेबाजी
भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायक वेल में पहुंच गए। विपक्षी सदस्यों ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल जवाब देने की मांग की। विपक्ष का आरोप था कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवालों और छात्रों के आंदोलन पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। हंगामे के चलते सदन का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। वहीं बीजेपी विधायक भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर दबाव बनाते रहे। विपक्ष की ओर से मामले की CBI जांच की मांग भी उठाई गई।
हंगामे के बीच अनुपूरक बजट और संशोधन विधेयक पारित
विधानसभा में भारी शोर-शराबे के बावजूद सरकार ने विधायी कामकाज जारी रखा। वित्त मंत्री ने अनुपूरक बजट के साथ झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक 2026 सदन में रखा। हंगामे के बीच दोनों को ध्वनिमत से पारित किया गया। विपक्ष लगातार विरोध और नारेबाजी करता रहा। सदन में सामान्य चर्चा का माहौल नहीं बन सका।
स्पीकर ने जताया दुख, समय से पहले खत्म हुआ सत्र
लगातार हंगामे और सदन की कार्यवाही बाधित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। अध्यक्ष ने सदन के इस तरह समाप्त होने पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि भारी मन से कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा। मानसून सत्र 12 अगस्त तक चलना प्रस्तावित था, लेकिन हंगामे के कारण इसे 11 अगस्त को ही समाप्त कर दिया गया।
JPSC-JSSC विवाद बना विधानसभा में बड़ा मुद्दा
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों के आंदोलन का मुद्दा विधानसभा तक पहुंच गया। विपक्ष ने कथित परीक्षा गड़बड़ियों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। सरकार की ओर से विपक्ष पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी के बाद सदन में गतिरोध बना रहा। आखिरकार कार्यवाही निर्धारित समय से एक दिन पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।







