शराब घोटाला मामले में ED की बड़ी कार्रवाई: रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर भूपेश बघेल का पलटवार

Payal jadon
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया। अदालत ने ED को पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी दी है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने जांच एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
₹2,883 करोड़ के कथित घोटाले की जांच
ED के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आबकारी व्यवस्था में कथित तौर पर करीब ₹2,883 करोड़ का घोटाला हुआ। जांच एजेंसी का आरोप है कि अवैध शराब की बिक्री, नकली होलोग्राम और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के जरिए कथित तौर पर बड़ी रकम जुटाई गई। ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। एजेंसी रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका और कथित धन के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
8 जुलाई को EOW के सामने किया था सरेंडर
रामगोपाल अग्रवाल इस मामले में लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर थे। उन्होंने 8 जुलाई 2026 को राज्य की आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW और ACB के सामने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद वह न्यायिक हिरासत में थे। अब ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार किया है। अदालत से रिमांड मिलने के बाद एजेंसी उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ करेगी।
भूपेश बघेल ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ED की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला। बघेल ने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताया। उनका आरोप है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कांग्रेस नेताओं को परेशान और बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जांच में गवाहों पर दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि वह इस कार्रवाई का कानूनी तरीके से मुकाबला करेगी।
गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान
ED की कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर देख रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है। मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा होने के कारण जांच एजेंसी की पूछताछ पर भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में ED की जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं। अदालत में होने वाली अगली सुनवाई भी महत्वपूर्ण रहेगी।
कोर्ट की निगरानी में आगे बढ़ेगी जांच
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब ED उनकी कस्टडी में पूछताछ के जरिए मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेगी। हालांकि, जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। मामले में आरोपी की कानूनी स्थिति और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग देखना जरूरी है। शराब घोटाले की जांच पहले से ही छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मुद्दा रही है। अब रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी ने इस मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।






