जर्जर स्कूल का जायजा लेने पहुंची थी CJP टीम: जयपुर में CJP टीम पर हमला

Rohan Desai
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Monika Das
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Priya Iyer
18 मिनट पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Kavya Mishra
26 मिनट पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Nisha Shah
1 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Shruti Bajpai
2 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Neel Saxena
2 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Tanya Bajaj
3 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में राजकीय प्राथमिक स्कूल की स्थिति का जायजा लेने के लिए CJP की टीम पहुंची थी। CJP के अनुसार, संगठन प्रदेश में 'स्कूल ठीक करो' अभियान चला रहा है और इसी के तहत स्कूल का निरीक्षण किया जा रहा था। बताया गया कि स्कूल भवन की हालत काफी खराब है और उसे असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद बच्चों को पास के एक तबेले या बाड़े में पढ़ाया जा रहा है। टीम इसी स्थिति की जानकारी जुटाने और स्कूल का ऑडिट करने के लिए मौके पर पहुंची थी। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सह-संयोजक आशुतोष रांका भी टीम के साथ मौजूद थे। उनके गांव पहुंचने के बाद कुछ ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने टीम के निरीक्षण का विरोध शुरू कर दिया।
विरोध बढ़ा तो मारपीट और हाथापाई की स्थिति बनी
CJP कार्यकर्ताओं के गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों और टीम के बीच बातचीत को लेकर विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं को बाहरी बताते हुए आरोप लगाया कि वे गांव के स्कूल की समस्या को लेकर राजनीतिक गतिविधि करने आए हैं। देखते ही देखते बहस धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। CJP की ओर से आरोप लगाया गया कि कार्यकर्ताओं के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई और उन्हें गांव से बाहर जाने के लिए मजबूर किया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं के कपड़े फाड़े जाने और पथराव किए जाने का भी दावा किया गया। घटना के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
गाड़ियों के शीशे तोड़ने का भी आरोप
विवाद के दौरान CJP कार्यकर्ताओं की गाड़ियों में तोड़फोड़ किए जाने का भी आरोप सामने आया है। CJP का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनकी गाड़ियों पर हमला किया और कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। संगठन ने आरोप लगाया कि टीम को स्कूल का निरीक्षण करने से रोकने के लिए हिंसा का सहारा लिया गया। घटना के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, घटना में तोड़फोड़ करने वाले सभी लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
CJP ने BJP कार्यकर्ताओं पर लगाए आरोप
घटना के बाद CJP प्रवक्ता और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने गंभीर आरोप लगाए। रांका का दावा है कि उनकी टीम पर हमला करने वाले केवल आम ग्रामीण नहीं थे, बल्कि भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता भी इसमें शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम के साथ मारपीट की गई, कपड़े फाड़े गए और पथराव किया गया। CJP ने इस घटना को स्कूलों की बदहाली से जुड़े मुद्दे को दबाने की कोशिश बताया है। हालांकि, भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। दूसरी ओर ग्रामीणों ने CJP के आरोपों को खारिज करते हुए पूरे विवाद के लिए संगठन को ही जिम्मेदार ठहराया है।
ग्रामीणों का पलटवार, बोले- स्कूल के लिए बजट मंजूर
स्थानीय ग्रामीणों ने CJP के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि गांव के लोग अपने स्कूल की समस्या को लेकर गंभीर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, सरकार की ओर से स्कूल के नए भवन के निर्माण के लिए करीब ₹12 लाख का बजट पहले ही मंजूर किया जा चुका है। उनका कहना है कि स्कूल की समस्या का समाधान गांव के लोग और प्रशासन मिलकर कर सकते हैं और इसके लिए किसी बाहरी राजनीतिक संगठन की जरूरत नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि CJP स्कूल की समस्या को लेकर राजनीति करने और प्रचार हासिल करने की कोशिश कर रही थी। इसी वजह से गांव के लोगों ने टीम के निरीक्षण का विरोध किया। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच अब पुलिस जांच से घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
नेता प्रतिपक्ष ने की घटना की निंदा, पुलिस जांच जारी
घटना के बाद राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने CJP कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित मारपीट की निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक या सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि मारपीट और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। फिलहाल CJP और ग्रामीणों की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और मामले की पूरी तस्वीर पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी।







