वंदे मातरम विवाद पर सियासी घमासान: अमित शाह का कांग्रेस पर तीखा हमला

Monika Das
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
‘वंदे मातरम’ के पूरे छह छंदों के बजाय केवल शुरुआती दो छंद गाने के कांग्रेस कार्यसमिति के फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के इस निर्णय पर कड़ा हमला बोलते हुए इसे तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1937 के अपने पुराने प्रस्ताव को फिर से लागू करने का फैसला किया है और संसद से बने कानून को नजरअंदाज कर रही है।
अमित शाह ने 1937 के फैसले का किया जिक्र
अमित शाह ने कहा कि 1937 में कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर दो छंदों तक सीमित करने का फैसला किया था। उनके मुताबिक, उस समय लिए गए फैसले के दूरगामी राजनीतिक परिणाम हुए और देश के विभाजन की परिस्थितियां मजबूत हुईं। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज उसी फैसले को दोहराकर तुष्टीकरण की राजनीति को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की भावनाओं से जुड़ा रहा है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान किया। अमित शाह ने कांग्रेस के फैसले को राष्ट्रगीत और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों के सम्मान से जोड़ते हुए इसकी आलोचना की।
कांग्रेस पर कानून की अनदेखी का आरोप
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपने 1937 के प्रस्ताव को महत्व दे रही है, जबकि संसद द्वारा बनाए गए कानून को स्वीकार नहीं कर रही। उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए पुराने विवाद को सुधारने की दिशा में कदम उठाया है।
अमित शाह ने देश की जनता से कांग्रेस के फैसले के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति को अब आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
वीएचपी ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
वंदे मातरम विवाद में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) भी कांग्रेस के खिलाफ मुखर हो गई है। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गीत के बाकी छंदों में भारतीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और राष्ट्रीय भावना से जुड़े कई महत्वपूर्ण शब्द आते हैं।
बंसल ने अपने बयान में धर्म, शक्ति, भक्ति, मंदिर, वाणी, विद्या और दुर्गा जैसे शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा और उसके फैसले को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की।
बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस के फैसले को लेकर कहा कि पार्टी ने अपने राजनीतिक बचाव को अब आधिकारिक प्रस्ताव का रूप दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम का सम्मान स्वतंत्रता आंदोलन के बलिदानियों से जुड़ा है और कांग्रेस का फैसला उनके बलिदान का अपमान है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस के निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि वंदे मातरम भारत के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी वोट बैंक की राजनीति के कारण भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े विषयों पर पीछे हट रही है।
कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों पर किया पलटवार
विवाद के बीच कांग्रेस ने बीजेपी और आरएसएस पर पलटवार किया है। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बीजेपी और आरएसएस की भूमिका क्या थी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा भावनात्मक विषय है और कांग्रेस इस मुद्दे पर अपने ऐतिहासिक नेताओं के विचारों के अनुरूप चल रही है।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा रहा है और कांग्रेस के लिए यह भावनात्मक मुद्दा है। उन्होंने बीजेपी पर इस विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया।
15 अगस्त के कार्यक्रम के बाद बढ़ा विवाद
वंदे मातरम को लेकर ताजा राजनीतिक विवाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद तेज हुआ। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम के दौरान पूरे वंदे मातरम के गायन को लेकर आपत्ति जताई गई। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि पूरा वंदे मातरम गाया गया था और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सफाई देते हुए कहा था कि सोनिया गांधी का इशारा गीत रोकने के लिए नहीं था, बल्कि वह लंबे समय से खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं।
छह छंद बनाम दो छंद पर सियासत जारी
कांग्रेस कार्यसमिति के दो छंद गाने के फैसले के बाद वंदे मातरम अब एक बार फिर बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। एक तरफ बीजेपी और वीएचपी इसे राष्ट्रगौरव, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान से जोड़ रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक परंपरा और अपने पुराने फैसले के अनुरूप बता रही है।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और वंदे मातरम के छह या दो छंदों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।








