जनगणना प्रश्नावली को लेकर कांग्रेस का विरोध: आंदोलन की कांग्रेस ने दी चेतावनी

Vihaan Patel
9 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Simran Arora
10 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Harsh Pandya
10 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Pranav Srivastava
10 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Navya Nair
13 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aarohi Chaudhary
13 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Rohan Desai
14 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Pihu Agarwal
16 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Myra Dubey
17 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
आगामी जनगणना की प्रश्नावली में OBC के लिए अलग कॉलम नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। AICC के OBC विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने आरोप लगाया कि 14 अगस्त को जारी प्रश्नावली के 10वें सवाल में OBC के लिए अलग विकल्प नहीं दिया गया है। प्रश्नावली में SC, ST और Caste का विकल्प मौजूद होने की बात कांग्रेस ने कही है। पार्टी का कहना है कि OBC के लिए स्पष्ट श्रेणी नहीं होने से आंकड़ों को दर्ज करने में कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
अलग कॉलम नहीं होने पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक जनगणना में जाति से जुड़ी जानकारी दर्ज करने के लिए स्पष्ट और व्यवस्थित व्यवस्था जरूरी है। पार्टी का तर्क है कि खुले सवाल के जरिए जाति की जानकारी लेने पर एक ही जाति के अलग-अलग नाम और वर्तनी दर्ज हो सकती है। इससे एक ही समुदाय की कई अलग-अलग प्रविष्टियां सामने आने की आशंका जताई गई है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसी स्थिति में OBC आबादी का सटीक और वैज्ञानिक आंकड़ा तैयार करना मुश्किल हो सकता है। पार्टी ने केंद्र से प्रश्नावली के प्रारूप में आवश्यक बदलाव करने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है।
कांग्रेस ने की जाति जनगणना की मांग
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से OBC वर्ग की गणना के लिए स्पष्ट और अलग व्यवस्था करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जाति आधारित आंकड़े पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जुटाए जाने चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने तेलंगाना की तर्ज पर जाति जनगणना कराने का सुझाव भी दिया है। पार्टी के अनुसार सही आंकड़े मिलने से सामाजिक और आर्थिक नीतियां बेहतर तरीके से तैयार की जा सकती हैं। कांग्रेस ने कहा कि जनगणना के दौरान किसी भी वर्ग के आंकड़ों को लेकर अस्पष्टता नहीं रहनी चाहिए। इसीलिए सरकार से प्रश्नावली की समीक्षा करने की मांग की गई है।
डॉ. अनिल जयहिंद ने उठाया मुद्दा
AICC के OBC विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने जनगणना प्रश्नावली के प्रारूप को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया कि सवाल नंबर 10 में OBC के लिए अलग से कोई कॉलम दिखाई नहीं देता है। उनके अनुसार इस व्यवस्था से OBC समुदाय से जुड़े आंकड़ों के संकलन में समस्या पैदा हो सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि जनगणना देश की नीतियों और योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करती है। इसलिए इसमें सभी सामाजिक वर्गों के आंकड़े व्यवस्थित तरीके से दर्ज किए जाने चाहिए।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आंदोलन की चेतावनी भी दी है। पार्टी का कहना है कि अगर OBC के लिए अलग और स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई तो वह जनगणना प्रक्रिया के खिलाफ अपना विरोध तेज करेगी। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मौजूदा प्रश्नावली में आवश्यक सुधार करने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि OBC आबादी के सही आंकड़े सामने लाने के लिए वैज्ञानिक प्रक्रिया जरूरी है। इस मांग को लेकर कांग्रेस देशभर में राजनीतिक अभियान भी चला सकती है। अब सरकार की ओर से इस विवाद पर प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
जनगणना को लेकर सियासत हुई तेज
OBC कॉलम को लेकर उठे विवाद ने आगामी जनगणना को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। कांग्रेस लगातार जाति आधारित आंकड़ों को स्पष्ट रूप से दर्ज करने की मांग करती रही है। पार्टी का कहना है कि सही सामाजिक आंकड़ों के बिना कल्याणकारी योजनाओं और प्रतिनिधित्व से जुड़े फैसले प्रभावी नहीं हो सकते। वहीं प्रश्नावली के प्रारूप को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार का पक्ष महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल कांग्रेस की मांग और आंदोलन की चेतावनी के बाद सभी की नजरें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।







