Kiren Rijiju visits Arunachal: माजा-गलेमो-ताकसिंग का किया दौरा

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Aditya Verma

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0 सेकंड पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

0 सेकंड पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

0 सेकंड पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

0 सेकंड पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Anika Rajput

Anika Rajput

0 सेकंड पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के सीमांत इलाकों का दौरा किया। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने माजा, गलेमो और ताकसिंग क्षेत्रों का जायजा लिया। रिजिजू ने अपने दौरे को सीमांत क्षेत्रों में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को गति देने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाके भौगोलिक रूप से कठिन हैं, लेकिन सरकार इनके विकास को प्राथमिकता दे रही है।


माजा, गलेमो और ताकसिंग पहुंचे रिजिजू
रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि वह अरुणाचल प्रदेश के माजा, गलेमो और ताकसिंग क्षेत्र में पहुंचे थे। ये इलाके अपर सुबनसिरी के दुर्गम सीमांत क्षेत्र में स्थित हैं। दौरे के दौरान उनका फोकस सीमा क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों को तेज करने पर रहा। मंत्री ने कहा कि वह इन क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति पर नियमित नजर रखते हैं।


बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार का फोकस
केंद्रीय मंत्री ने सीमांत क्षेत्रों में सड़क और अन्य रणनीतिक बुनियादी ढांचे के विकास को महत्वपूर्ण बताया। रिपोर्ट के मुताबिक रिजिजू ने मौजूदा सरकार की सीमा विकास नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमांत इलाकों को अब प्राथमिकता दी जा रही है। अरुणाचल प्रदेश जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना रणनीतिक और विकास दोनों दृष्टि से अहम माना जाता है।
 

चीन से जुड़ी चिंताओं के बीच दौरा अहम
रिजिजू का यह दौरा अपर सुबनसिरी क्षेत्र में चीन से जुड़ी गतिविधियों को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच हुआ। इससे पहले स्थानीय स्तर पर सीमा क्षेत्र में चीनी गतिविधियों और भारतीय गश्त से जुड़े सवाल उठाए गए थे। रिजिजू ने 60 किलोमीटर तक चीनी घुसपैठ के दावों को खारिज किया था, हालांकि उन्होंने सीमा से जुड़े मुद्दों और स्थानीय लोगों की चिंताओं को लेकर स्थिति पर सरकार की नजर होने की बात कही।


सीमांत क्षेत्रों के विकास को बताया प्राथमिकता
रिजिजू ने कहा कि सीमा क्षेत्र कठिन परिस्थितियों वाले इलाके हैं, लेकिन केंद्र सरकार वहां विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अपने दौरे को केवल औपचारिक निरीक्षण के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की गति बढ़ाने के प्रयास से जोड़ा। सरकार की सीमा नीति में सड़क, कनेक्टिविटी और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।


दुर्गम इलाकों में विकास और सुरक्षा दोनों पर जोर
अरुणाचल प्रदेश के सीमांत इलाके कठिन पहाड़ी भूभाग और सीमित कनेक्टिविटी के कारण चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास स्थानीय आबादी की कनेक्टिविटी के साथ-साथ रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। रिजिजू के माजा, गलेमो और ताकसिंग दौरे के दौरान इसी सीमा विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने पर जोर दिखाई दिया। हालांकि वायरल या सोशल मीडिया वीडियो में दिखाई देने वाले हर दृश्य को इस दौरे से जोड़ने से पहले उसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

 

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Aditya Verma

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Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Aryan Malhotra

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Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Ritika Ghosh

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Aarav Sharma

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India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Anika Rajput

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Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

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