Swatantra Bhardwaj: निशु के पिता पर हमले में आरोपी की सफाई

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Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

0 सेकंड पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Diya Gupta

Diya Gupta

0 सेकंड पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Anjali Patil

Anjali Patil

0 सेकंड पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Sneha Menon

Sneha Menon

0 सेकंड पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

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निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित हमले का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा था। इसके बाद भारद्वाज ने अपने बयान को लेकर सफाई देते हुए कहा कि उसने जानबूझकर हमला नहीं किया था, बल्कि वह स्थिति में खुद को बचाने के लिए प्रतिक्रिया दे रहा था। उसका दावा है कि वह कई लोगों से घिर गया था और उसे अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा था।


आरोपी ने हमले को बताया आत्मरक्षा
स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग उसे घेर रहे थे और उस समय उसने आत्मरक्षा में हाथ चलाया। उसके मुताबिक उसके हाथ में कड़ा था, जो इसी दौरान संजय कुमार के सिर में लग गया। भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि अगर उसने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया नहीं दी होती तो उसके साथ मॉब लिंचिंग जैसी स्थिति बन सकती थी। हालांकि, यह पूरा विवरण आरोपी की ओर से दिया गया पक्ष है और इसे मामले में स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।


वायरल पॉडकास्ट में अलग दावा सामने आया था
इस विवाद की शुरुआत उस पॉडकास्ट वीडियो से हुई जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर संजय कुमार पर हमला करने और उनके सिर में चोट लगने को लेकर बात करता दिखाई दिया था। वीडियो वायरल होने के बाद इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रिया सामने आई। बाद में भारद्वाज ने अपने उस कथित बयान की व्याख्या अलग तरीके से करते हुए कहा कि वायरल क्लिप को संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है और वास्तविक घटना आत्मरक्षा से जुड़ी थी।

 

दिल्ली पुलिस ने मामले में कार्रवाई की
विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया। मामले में शुरुआती धाराओं के अलावा बाद में SC/ST Act से संबंधित प्रावधान भी जोड़े गए। इसके अतिरिक्त नाबालिग छात्रा की ओर से ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के आरोपों को लेकर अलग FIR की जानकारी भी सामने आई है। इन मामलों में आरोपों की कानूनी जांच जारी है।


अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
स्वतंत्र भारद्वाज को पहले अदालत ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। इसके बाद 7 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत के आदेश के मुताबिक अब उन्हें 21 सितंबर को फिर पेश किया जाना है। यह कार्रवाई जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार पर कथित हमले से जुड़े मामले में हुई है।


हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी को चुनौती वाली याचिका खारिज की
स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की थी। सोमवार को न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट में दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया कि उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत के बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और फिर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस बीच हमले को लेकर भारद्वाज की सेल्फ डिफेंस वाली दलील उनके बचाव का पक्ष है, जिसकी अंतिम वैधानिक पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होगी।

 

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Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Diya Gupta

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Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Anjali Patil

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Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Sneha Menon

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Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

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