गडकरी का सख्त अल्टीमेटम: हाईवे प्रोजेक्ट्स में देरी पर सख्ती

हाईवे प्रोजेक्ट्स में देरी पर सख्ती
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Ravi sinha

Ravi sinha

0 सेकंड पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Kabir Shukla

Kabir Shukla

0 सेकंड पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

0 सेकंड पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

1 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Aditya Verma

Aditya Verma

2 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

2 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Anjali Patil

Anjali Patil

3 घंटे पहले

India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Ananya Sharma

Ananya Sharma

4 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में देरी और खराब गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। संसद में साझा की गई जानकारी के अनुसार देश में कुल 1,191 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें से 629 परियोजनाएं अपनी निर्धारित समयसीमा से पीछे चल रही हैं। सरकार ने देरी और खराब प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू की है। गडकरी ने अधिकारियों को परियोजनाओं की निगरानी और गुणवत्ता व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि निर्माण कार्य में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


103 ठेकेदारों पर हो चुकी कार्रवाई
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में देरी और खराब प्रदर्शन के मामलों में सरकार ने 103 ठेकेदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है। इन ठेकेदारों पर परियोजनाओं को समय पर पूरा नहीं करने और काम की गुणवत्ता में कमी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई है। मंत्रालय अब ऐसे ठेकेदारों के पिछले प्रदर्शन का रिकॉर्ड भी जांच रहा है। बार-बार लापरवाही करने वाली कंपनियों को भविष्य के सरकारी प्रोजेक्ट्स से दूर किया जा सकता है। सरकार का जोर परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर है। गडकरी ने संकेत दिया है कि लापरवाही करने वाली कंपनियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


गलत DPR बनाने वालों पर गडकरी सख्त
नितिन गडकरी ने गलत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने वाले कंसल्टेंट्स पर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से तैयार की गई DPR निर्माण संबंधी गंभीर समस्याओं और सड़क हादसों का कारण बन सकती है। ऐसी कमियों के लिए जिम्मेदार कंसल्टेंट्स और कंपनियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है। गडकरी ने गलत DPR तैयार करने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है। साथ ही उनके प्रदर्शन और वित्तीय स्थिति की जांच कराने की बात कही गई है। सरकार अब परियोजनाओं की शुरुआत से पहले DPR की तकनीकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर ज्यादा ध्यान देगी।

 

11 वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में लापरवाही के मामलों में सरकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में संरचनात्मक कमियों और विफलताओं के मामलों में 11 वरिष्ठ अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा 11 अन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। सरकार के इस कदम से यह संकेत गया है कि लापरवाही के मामलों में जिम्मेदारी केवल निजी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगी। परियोजनाओं की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में रहेगी। सरकार निर्माण कार्य में जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई का दायरा बढ़ा रही है।


ठेकेदारों और कंसल्टेंट्स की रेटिंग होगी
भविष्य की हाईवे परियोजनाओं में ठेकेदारों और कंसल्टेंट्स के लिए नई रेटिंग व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस व्यवस्था में कंपनियों के पिछले प्रदर्शन और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की क्षमता का आकलन किया जाएगा। कंपनियों के वित्तीय ऑडिट के साथ उनके परफॉर्मेंस का भी मूल्यांकन किया जाएगा। बेहतर रिकॉर्ड रखने वाली कंपनियों को भविष्य के टेंडर में प्राथमिकता मिलने की संभावना है। वहीं लगातार खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध या अन्य कार्रवाई की जा सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और योग्य कंपनियों को काम देने का है।


सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता पर फोकस
गडकरी ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को सीधे तौर पर सड़क सुरक्षा से जोड़ते हुए जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि निर्माण में तकनीकी गलतियां और खराब योजना गंभीर हादसों का कारण बन सकती हैं। इसलिए DPR तैयार करने से लेकर निर्माण और अंतिम निरीक्षण तक हर स्तर पर जवाबदेही जरूरी है। सरकार समयसीमा से पीछे चल रही परियोजनाओं की निगरानी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। ठेकेदारों और कंसल्टेंट्स के प्रदर्शन को भविष्य के सरकारी काम से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि हाईवे निर्माण में देरी और गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

 

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Ravi sinha

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India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Kabir Shukla

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0 सेकंड पहले

Hamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.

Neha Tripathi

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0 सेकंड पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

1 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Aditya Verma

Aditya Verma

2 घंटे पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

2 घंटे पहले

Bharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.

Anjali Patil

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India ki progress dekh ke dil khush ho gaya!

Ananya Sharma

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4 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

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