मानसून सत्र से पहले संसद में सियासी टकराव: सर्वदलीय बैठक में TMC बागी गुट पर हंगामा

Myra Dubey
10 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Kunal Rao
10 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Tanya Bajaj
10 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Riya Jain
10 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Navya Nair
11 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Monika Das
11 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Vaishali shinde
13 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Diya Gupta
14 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Taushif Shekh
15 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Pranav Srivastava
15 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Vihaan Patel
15 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ritika Ghosh
15 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Sai Mehta
15 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Vaishali shinde
15 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Sneha Menon
16 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Nidhi kumari
16 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Rohan Desai
16 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कथित बागी सांसदों के गुट को आमंत्रित किए जाने पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया और कुछ समय के लिए बैठक से वॉकआउट कर दिया।
TMC के 20 सांसदों के गुट पर विवाद
विवाद का मुख्य कारण TMC से अलग हुए 20 लोकसभा सांसदों का समूह रहा। इस गुट ने दावा किया है कि उन्होंने त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस गुट की प्रतिनिधि डॉ. काकोली घोष दस्तीदार को NCPI की मुख्य सचेतक (Chief Whip) के रूप में बैठक में आमंत्रित किया था।
विपक्ष ने उठाया मान्यता का मुद्दा
TMC सांसद महुआ मोइत्रा सहित विपक्षी नेताओं ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अभी तक इन सांसदों के अलग दल या विलय को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है। विपक्ष का तर्क था कि स्पीकर के अंतिम निर्णय से पहले किसी नए दल के प्रतिनिधि के रूप में उन्हें बैठक में बुलाना संसदीय नियमों के खिलाफ है।
विपक्ष का प्रतीकात्मक वॉकआउट
बैठक में बागी गुट की मौजूदगी को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश, TMC की महुआ मोइत्रा, शिवसेना (UBT), आम आदमी पार्टी (AAP), समाजवादी पार्टी (SP) और DMK सहित INDIA गठबंधन के नेताओं ने विरोध दर्ज कराया। विरोध स्वरूप विपक्षी नेताओं ने बैठक से कुछ समय के लिए वॉकआउट किया, हालांकि कुछ मिनट बाद वे वापस चर्चा में शामिल हो गए।
सरकार ने दी सफाई, कहा- सभी सांसदों को मौका जरूरी
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि जब 20 लोकसभा सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर अलग बैठने की मांग की है, तो इतने बड़े जनप्रतिनिधि समूह को चर्चा से बाहर नहीं रखा जा सकता। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें सरकार ने विपक्ष से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील की।
मानसून सत्र में इन मुद्दों पर होगा टकराव
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसमें कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। विपक्ष इस दौरान राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच, NEET-UG पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और अन्य जन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं TMC और शिवसेना (UBT) में हुई बगावत के बाद संसद का राजनीतिक समीकरण NDA के पक्ष में मजबूत होने का दावा किया जा रहा है।








