प्रियंका के बयान पर संसद में बवाल: परीक्षा सुधार समिति पर प्रियंका गांधी का तंज
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Riya Jain
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Pranav Srivastava
3 मिनट पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Reyansh Joshi
18 मिनट पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Nidhi kumari
19 मिनट पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Monika Das
20 मिनट पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Rohan Desai
21 मिनट पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Neha Tripathi
22 मिनट पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Ravi sinha
25 मिनट पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Trapti Tanwar
31 मिनट पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Taushif Shekh
39 मिनट पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Ayaan Khan
45 मिनट पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Dev Kapoor
2 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Payal jadon
3 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Payal jadon
3 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Kunal Rao
3 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Priya Iyer
3 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Sonu rai
3 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Aarohi Chaudhary
4 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Kunal Rao
4 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Aryan Malhotra
4 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Vivaan Gupta
5 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Navya Nair
5 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Nidhi kumari
5 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ritika Ghosh
5 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Ayaan Khan
5 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Saanvi Pandey
6 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Riya Jain
6 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार की परीक्षा सुधार समिति की संरचना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समिति में एक पूर्व आईबी प्रमुख, एक आईटी कंपनी के मालिक और एक "गोमूत्र विशेषज्ञ" शामिल हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि ऐसे लोगों का शिक्षा सुधार से क्या संबंध है। उनके बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
टिप्पणी के बाद संसद में बढ़ा राजनीतिक विवाद
प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर भाजपा सांसदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। सत्ता पक्ष ने इसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का अपमान बताया। सदन में कुछ समय तक हंगामे की स्थिति बनी रही और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस मुद्दे ने संसद से बाहर भी राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया।
प्रो. वी. कामकोटि की ओर माना गया इशारा
यद्यपि प्रियंका गांधी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना गया कि उनका संकेत कथित तौर पर आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि की ओर था। प्रो. कामकोटि पूर्व में पारंपरिक ज्ञान और गाय के मूत्र के औषधीय गुणों पर दिए गए अपने एक सार्वजनिक वक्तव्य को लेकर चर्चा में रहे थे। हालांकि वे कंप्यूटर विज्ञान, साइबर सुरक्षा और स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर विकास के क्षेत्र में भी प्रमुख वैज्ञानिक माने जाते हैं।
भाजपा का पलटवार, वैज्ञानिकों के सम्मान का मुद्दा उठाया
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने प्रियंका गांधी के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और विद्वानों का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि गंभीर विषयों पर राजनीतिक कटाक्ष करना उचित नहीं है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष वैज्ञानिक उपलब्धियों का सम्मान करने के बजाय उनका मजाक उड़ा रहा है।
टास्क फोर्स की भूमिका पर भी हुई चर्चा
सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना बताया गया है। समिति में सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बहु-विषयक विशेषज्ञता आवश्यक है। इसी पहलू को लेकर संसद में अलग-अलग राजनीतिक दलों ने अपने-अपने तर्क रखे।
संसद से बाहर भी जारी रही बयानबाजी
लोकसभा में हुई इस बहस के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए। भाजपा नेताओं ने इसे वैज्ञानिकों और भारतीय परंपराओं के सम्मान का विषय बताया, जबकि कांग्रेस ने समिति की संरचना और उसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाने को अपना अधिकार बताया। परीक्षा सुधार, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस अब संसद से बाहर भी तेज होती दिखाई दे रही है।







