भोपाल किसान आंदोलन से थमी राजधानी की रफ्तार: कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Anil Sen
0 सेकंड पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain!
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Pooja Reddy
51 मिनट पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Ayaan Khan
1 घंटे पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Navya Nair
1 घंटे पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Simran Arora
1 घंटे पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
Aarohi Chaudhary
2 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Saanvi Pandey
2 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain!
Aryan Malhotra
2 घंटे पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Rohan Desai
2 घंटे पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Ada khan
2 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Taushif Shekh
2 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Anjali Patil
2 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Aarav Sharma
3 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Myra Dubey
3 घंटे पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
Ayaan Khan
3 घंटे पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी, खाद की समय पर उपलब्धता और ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने की मांग को लेकर हजारों किसान राजधानी भोपाल पहुंचे। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले नर्मदापुरम सहित कई जिलों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और जरूरी सामान के साथ राजधानी पहुंचे। आंदोलन के चलते कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई
किसानों को राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए पुलिस ने होशंगाबाद रोड, सावरकर सेतु और अन्य प्रवेश मार्गों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर किसानों ने बैरिकेड हटाने और आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और अधिकारियों ने लगातार किसानों से बातचीत जारी रखी।
हाईवे से कॉलोनियों तक लगा लंबा ट्रैफिक जाम
किसान आंदोलन के कारण भोपाल-नर्मदापुरम मार्ग, मिसरोद, होशंगाबाद रोड और आसपास के कई इलाकों में लंबा जाम लग गया। मुख्य मार्ग बंद होने से वाहनों का दबाव अंदरूनी सड़कों पर बढ़ गया, जिससे कटारा हिल्स, बागसेवनिया और आसपास की कॉलोनियों में भी यातायात प्रभावित हुआ। कई कार्यालय जाने वाले लोग और आम नागरिक घंटों तक जाम में फंसे रहे। कुछ स्कूलों ने एहतियातन समय से पहले छुट्टी भी घोषित की।
एम्स कॉरिडोर भी प्रभावित, मरीजों को हुई परेशानी
आंदोलन का असर भोपाल के एम्स कॉरिडोर तक पहुंचा। डायवर्जन लागू होने और भारी ट्रैफिक के कारण एम्बुलेंस तथा मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की, लेकिन वाहनों के अधिक दबाव के चलते कई रास्तों पर भी जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस लगातार ट्रैफिक को सुचारु करने में जुटी रही।
कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों के जोरदार आंदोलन के चलते शहर की रफ्तार पूरी तरह थम गई। मूंग फसल की 100% सरकारी खरीद, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और एमएसपी पर खरीदी की मांग को लेकर हजारों किसान सड़कों पर उतर आए। आंदोलन के कारण होशंगाबाद रोड, मिसरोद, सावरकर सेतु और राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। रात में सामने आई ड्रोन तस्वीरों में वाहनों की लाल ब्रेक लाइटों की लंबी कतारें साफ दिखाई दीं, जिससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया। बाद में सरकार और किसान संगठनों के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ, जिसके साथ धीरे-धीरे राजधानी में यातायात सामान्य होने लगा।
किसानों की मांगों पर सरकार से बनी सहमति
सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने, स्लॉट बुकिंग और खरीदी की अंतिम तिथियों में विस्तार तथा खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को स्थगित करने जैसे फैसलों के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। किसानों ने इसे अपनी महत्वपूर्ण जीत बताते हुए सरकार के फैसले का स्वागत किया।
राजधानी में सामान्य हुई स्थिति, प्रशासन ने ली राहत की सांस
आंदोलन समाप्त होने के बाद किसानों ने धीरे-धीरे धरना स्थल खाली किया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां वापस रवाना होने लगीं। इसके साथ ही राजधानी की यातायात व्यवस्था सामान्य होने लगी। प्रशासन ने प्रभावित मार्गों से बैरिकेड हटाए और ट्रैफिक संचालन फिर से शुरू कराया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।





