SC Rejects TMC Plea: 804 करोड़ के बैंक खातों पर रोक, सुप्रीम कोर्ट से ममता गुट को राहत नहीं

Anika Rajput
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Ada khan
0 सेकंड पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Taushif Shekh
9 मिनट पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Pooja Reddy
1 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
804 करोड़ के चार खातों पर राहत नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की चार बैंक खातों को संचालित करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। इन खातों में करीब 804 करोड़ रुपये होने बताए गए हैं और उन पर डेबिट लेन-देन की रोक लगी हुई है। जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, जिसमें अंतरिम राहत देने से मना किया गया था।
खातों की रकम पर अधिकार का मुद्दा लंबित
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद के बीच इन बैंक खातों में मौजूद राशि पर किस गुट का अधिकार है, यह सवाल अभी न्यायिक निर्णय के लिए लंबित है। पीठ ने मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी करने से भी परहेज किया और संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार किया।
हाई कोर्ट से सुनवाई तेज करने का अनुरोध
शीर्ष अदालत ने कलकत्ता हाई कोर्ट से मामले की सुनवाई में तेजी लाने का अनुरोध किया। ममता गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि खातों पर रोक से पार्टी के कामकाज पर असर पड़ रहा है और पार्टी को संचालन तथा खर्चों के लिए हर महीने करीब 12.15 करोड़ रुपये की जरूरत होती है।
सरकार ने गुटीय विवाद का हवाला दिया
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ममता गुट की मांग का विरोध करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस में गुटीय विवाद चल रहा है और दोनों पक्ष पार्टी पर अधिकार का दावा कर रहे हैं। उन्होंने अदालत के सामने एक शिकायत का भी उल्लेख किया, जिसमें ममता गुट से जुड़े एक निजी सहायक द्वारा इन खातों में कथित तौर पर 35 करोड़ रुपये नकद जमा किए जाने की बात कही गई। यह एक पक्ष की ओर से अदालत में रखी गई दलील है और इसकी जांच जारी होने की बात कही गई है।
कलकत्ता हाई कोर्ट पहले भी दे चुका है आदेश
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 27 अगस्त को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को करीब 804 करोड़ रुपये वाले चार डेबिट-फ्रोजन बैंक खातों को संचालित करने की अंतरिम अनुमति देने से इनकार किया था। इससे पहले हाई कोर्ट ने तीन अन्य खातों से पार्टी के रोजमर्रा के खर्चों को विशेष अधिकारी की निगरानी में पूरा करने की व्यवस्था की थी। सितंबर में इस व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया था।
टीएमसी विवाद में चुनाव चिह्न भी अहम मुद्दा
बैंक खातों का विवाद तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर चल रहे बड़े गुटीय विवाद से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल में चुनाव आयोग को दोनों गुटों के बीच नाम और चुनाव चिह्न के विवाद पर तय समयसीमा में फैसला करने का निर्देश दिया है। बैंक खातों पर अंतिम अधिकार का सवाल भी इसी व्यापक विवाद के नतीजे से जुड़ा हुआ है।








