Global Jobs Training: विदेशी नौकरी के लिए युवाओं को तैयार कर रहीं राज्य सरकारें

Monika Das
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Shruti Bajpai
11 मिनट पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Reyansh Joshi
1 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
विदेशी नौकरी के लिए युवाओं की तैयारी
रोजगार की तलाश में युवाओं के लिए अब अवसर केवल देश के बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गए हैं। कई राज्य सरकारें युवाओं को विदेश में रोजगार के लिए तैयार करने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, विदेशी भाषा, भर्ती प्रक्रिया, पासपोर्ट सहायता और सुरक्षित प्रवासन से जुड़ी व्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ रही हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान में अलग-अलग स्तर पर ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। भारत और जापान के बीच भी कौशलयुक्त मानव संसाधन के आदान-प्रदान को बढ़ाने की योजना में अगले पांच वर्षों में 50 हजार कुशल भारतीयों को जापान भेजने का लक्ष्य शामिल है।
उत्तर प्रदेश में इजरायल समेत कई देशों में अवसर
उत्तर प्रदेश में श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से युवाओं को इजरायल, जर्मनी, जापान और सऊदी अरब जैसे देशों में रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राज्य से छह हजार से अधिक श्रमिक इजरायल पहुंच चुके हैं, जबकि 1336 और श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर भेजने की प्रक्रिया चल रही है। नर्सिंग, केयरगिवर, फैब्रिकेशन और मैकेनिकल जैसे क्षेत्रों में भी विदेश रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। मई 2026 में सेवायोजन विभाग की एक भर्ती पहल में इन देशों में 6300 से अधिक पदों की जानकारी दी गई थी, जिसमें अलग-अलग पदों के लिए निर्धारित योग्यता और भाषा प्रशिक्षण की व्यवस्था भी शामिल थी।
हरियाणा में भाषा, पासपोर्ट और भर्ती सहायता
हरियाणा में युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए तैयार करने के लिए विदेशी भाषा और कौशल प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। जर्मन, जापानी, फ्रेंच और अंग्रेजी जैसी भाषाओं के प्रशिक्षण के साथ अंतिम वर्ष के उच्च शिक्षा छात्रों के लिए निशुल्क पासपोर्ट सुविधा भी उपलब्ध है। राज्य के विदेश सहयोग विभाग और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से विदेश रोजगार और सुरक्षित भर्ती से जुड़ी व्यवस्था विकसित की गई है। हरियाणा सरकार के अनुसार राज्य में कौशल विकास और रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार करने पर भी काम किया जा रहा है।
जापान के लिए बढ़ रही तैयारी
जापान में तकनीकी और विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को देखते हुए भारत और जापान के बीच कौशलयुक्त मानव संसाधन के आदान-प्रदान को बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इसमें जापानी भाषा शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, नौकरी मिलान, भर्ती की सुरक्षित प्रक्रिया और जापान पहुंचने के बाद सहायता जैसे पहलू शामिल हैं। केंद्र की कार्ययोजना में राज्यों को स्थानीय युवाओं के प्रशिक्षण और प्लेसमेंट में सहयोग देने तथा जापानी प्रीफेक्चर और भारतीय राज्यों के बीच कौशल आधारित साझेदारी को बढ़ाने की बात भी कही गई है।
मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान में भी प्रयास
मध्य प्रदेश में ग्लोबल स्किल पार्क के माध्यम से युवाओं को विदेश रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है और उपलब्ध जानकारी के अनुसार 35 युवाओं को जापान, हंगरी और दुबई भेजा जा चुका है। उत्तराखंड में 2023 से अब तक 123 युवाओं को जापान, सऊदी अरब और जर्मनी में रोजगार मिलने की जानकारी दी गई है, जबकि राजस्थान में युवाओं को जापानी, कोरियन, जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को केवल विदेश भेजना नहीं, बल्कि संबंधित देश की भाषा, काम की जरूरत और भर्ती प्रक्रिया के अनुरूप पहले से तैयार करना है।
सुरक्षित प्रवासन पर भी जोर
विदेशी रोजगार के साथ फर्जी एजेंटों और भर्ती संबंधी धोखाधड़ी से बचाव को भी इन पहलों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। सरकारी स्तर पर लाइसेंस प्राप्त भर्ती एजेंसियों, दूतावासों के साथ समन्वय, हेल्पलाइन और विदेश पहुंचने के बाद सहायता जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है। भारत-जापान कार्ययोजना में भी सुरक्षित और व्यवस्थित भर्ती, प्रस्थान से पहले भाषा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण, तथा विदेश पहुंचने के बाद सहायता और शिकायत निवारण की व्यवस्था का उल्लेख है।
विदेशी रोजगार का बदलता मॉडल
राज्य सरकारों की इन पहलों से विदेश रोजगार की प्रक्रिया केवल नौकरी दिलाने तक सीमित नहीं रह गई है। प्रशिक्षण, भाषा ज्ञान, पासपोर्ट, भर्ती, सुरक्षित प्रवासन और विदेश में सहायता को एक ही व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए आवश्यक कौशल हासिल करने के साथ भर्ती प्रक्रिया को समझने और विदेश में काम शुरू करने के लिए पहले से तैयारी करने का अवसर मिल रहा है। हालांकि अलग-अलग राज्यों की योजनाओं में पात्रता, प्रशिक्षण, चयन और सहायता की शर्तें अलग हो सकती हैं, इसलिए युवाओं को आवेदन से पहले संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक जानकारी की जांच करनी चाहिए।








