BJP Hits Back At Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लगाए गए 'पार्टी चोरी' के आरोप

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तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे आंतरिक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को मौजूदा 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फूल और घास' चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया है। आयोग के मुताबिक दोनों गुट पार्टी पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं और विवाद का अंतिम निर्णय अभी बाकी है। यह व्यवस्था फिलहाल संबंधित उपचुनावों के लिए अंतरिम तौर पर लागू की गई है।
राहुल गांधी ने BJP और EC पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 18 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट में चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और चुनाव आयोग मिलकर विपक्षी दलों को विभाजित करने और बाद में उनके चुनाव चिन्ह छीनने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में शिवसेना, NCP और अब TMC का उदाहरण देते हुए इसे 'वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी' से जोड़ा। ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें कांग्रेस की ओर से व्यक्त किया गया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने किया पलटवार
राहुल गांधी के बयान पर BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के इतिहास को भी देखना चाहिए। त्रिवेदी ने कांग्रेस पर अतीत में राजनीतिक दलों और सरकारों को अस्थिर करने के आरोप लगाए और इसी संदर्भ में कांग्रेस के पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख किया। BJP का यह पक्ष राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में दिया गया राजनीतिक बयान है।
TMC और NCP के गठन का कांग्रेस से संबंध
त्रिवेदी ने TMC और NCP के गठन का उदाहरण देते हुए कहा कि इन दलों का इतिहास कांग्रेस से अलग होने से जुड़ा रहा है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार ममता बनर्जी ने 1997 में All India Trinamool Congress की स्थापना की थी और पश्चिम बंगाल सरकार की प्रोफाइल भी उनके 1997 में पार्टी स्थापित करने की पुष्टि करती है। TMC की अपनी वेबसाइट स्थापना की तारीख 1 जनवरी 1998 बताती है। वहीं शरद पवार, पीए संगमा और तारिक अनवर ने 1999 में कांग्रेस से अलग होकर NCP बनाई थी।
कांग्रेस पर सरकारें गिराने का BJP का आरोप
सुधांशु त्रिवेदी ने अपने पलटवार में कांग्रेस के पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया। BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में समर्थन वापस लेकर केंद्र की कई सरकारों को गिराने में भूमिका निभाई। उन्होंने एचडी देवगौड़ा, चंद्रशेखर, चरण सिंह और आईके गुजराल की सरकारों का उदाहरण दिया। यह BJP द्वारा कांग्रेस के खिलाफ रखा गया राजनीतिक आरोप है; इसे वर्तमान TMC विवाद पर चुनाव आयोग के फैसले का तथ्यात्मक कारण नहीं माना जा सकता।
विवाद का अंतिम फैसला अभी बाकी
मौजूदा TMC विवाद का मूल मुद्दा पार्टी के नाम, संगठन और चुनाव चिन्ह पर दो गुटों के दावे से जुड़ा है। चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों गुटों को अलग पहचान और चुनाव चिन्ह की प्रक्रिया में रखा है, जबकि अंतिम विवाद का निपटारा अभी अलग प्रक्रिया के तहत होना है। इसलिए राहुल गांधी के BJP और EC पर लगाए आरोप तथा BJP के कांग्रेस पर लगाए जवाबी आरोपों को राजनीतिक दावों के रूप में ही प्रस्तुत करना उचित है।






