Punjab Politics: BJP का बड़ा दांव, AAP के 3 विधायकों के आने से अकाली दल की बढ़ी मुश्किल

Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेYeh innovation aam logon ke bahut kaam aayega.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेIs khabar ka asar kai deshon par padega.
Kunal Rao
2 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
अमृतसर। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए उसके तीन विधायकों कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा ने इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है। तीनों नेताओं के पार्टी में शामिल होने से बीजेपी की ताकत बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर सीटों का गणित भी उलझता नजर आ रहा है।
सीटों के बंटवारे पर बढ़ी गठबंधन की मुश्किल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी इन तीनों नेताओं को उनकी मौजूदा विधानसभा सीटों से चुनाव मैदान में उतार सकती है। ऐसे में अगर बीजेपी और अकाली दल के बीच गठबंधन होता है, तो अमृतसर नॉर्थ, सनौर और समाना सीटों को लेकर दोनों दलों के बीच सहमति बनाना मुश्किल हो सकता है।
तीनों विधायकों का अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक आधार है। हालांकि, गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला दोनों पार्टियों का हाईकमान ही करेगा।
अमृतसर नॉर्थ सीट पर बदलेगा सियासी गणित
कुंवर विजय प्रताप सिंह की बीजेपी में एंट्री को सबसे अहम माना जा रहा है। वह पहले अकाली दल के मुखर आलोचक रहे हैं। बेअदबी की घटनाओं और पुलिस कार्रवाई की जांच को लेकर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल समेत अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं पर सवाल उठाए थे।
2022 के विधानसभा चुनाव में कुंवर विजय प्रताप ने अमृतसर नॉर्थ सीट से अकाली दल के अनिल जोशी को हराया था। अब उनके बीजेपी में शामिल होने से इस सीट पर नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं। संभावित गठबंधन में यह सीट किस पार्टी को मिलेगी, यह भी अहम सवाल है।
सनौर और समाना सीटों पर भी पेच
हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा के बीजेपी में शामिल होने से सनौर और समाना सीटों पर भी गठबंधन का गणित प्रभावित हो सकता है। दोनों नेता इन सीटों से मौजूदा विधायक हैं।
वहीं, अकाली दल पहले ही समाना सीट से जगमीत हरियाऊ को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुका है। इसके अलावा चर्चा है कि सनौर सीट चंदूमाजरा परिवार के लिए छोड़ी जा सकती है। प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने हाल ही में सुखबीर सिंह बादल के एकता के आह्वान का समर्थन किया था। ऐसे में इन सीटों पर दोनों दलों के बीच दावेदारी महत्वपूर्ण होगी।
117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में बीजेपी
पंजाब में बीजेपी और अकाली दल के बीच गठबंधन की अटकलें लगातार लगाई जा रही हैं। हालांकि, बीजेपी नेताओं का कहना है कि पार्टी राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
बीजेपी के एक नेता ने यह भी कहा कि किसी नेता के पार्टी में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि उसे विधानसभा चुनाव का टिकट जरूर मिलेगा। पार्टी में चुनाव लड़ने के अलावा भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं।








