NSUI Alleges Police Assault: ‘गला पकड़ा, चेहरा नोंचा’, महिला कार्यकर्ता ने बताई आपबीती

Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Ada khan
24 मिनट पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Myra Dubey
1 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Aryan Malhotra
1 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Pooja Reddy
3 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Ada khan
4 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Riya Jain
5 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Ananya Sharma
6 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
CEC के खिलाफ प्रदर्शन के बाद उठा पुलिस कार्रवाई का मामला
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने और उनके साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके आरोपों को उठाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे 4 अक्टूबर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और 5 अक्टूबर को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके साथ पुलिस स्टेशन तथा दूसरी जगहों पर मारपीट की गई। इन आरोपों पर संबंधित पुलिसकर्मियों या दिल्ली पुलिस का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
NSUI कार्यकर्ता ने हिरासत के दौरान मारपीट का आरोप लगाया
NSUI कार्यकर्ता समर्थ ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उनके मुताबिक वहाब सिंह तोमर सहित करीब 20 पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाद में उन्हें पीछे के रास्ते से निकाला गया और दिल्ली कैंट ले जाते समय कांस्टेबल अंकित कसाना ने उनके साथ मारपीट की। समर्थ के अनुसार, जब उनके साथी धर्मेंद्र ने तबीयत खराब होने और उल्टी आने की बात कही, तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर असंवेदनशील प्रतिक्रिया दी। ये सभी आरोप प्रदर्शनकारियों के बयान पर आधारित हैं।
महिला कार्यकर्ता ने कांस्टेबल पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने एक महिला प्रदर्शनकारी को ‘शेरनी’ बताते हुए कहा कि कथित मारपीट के बावजूद वह डरी नहीं। महिला ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ बस में बैठाया गया था। उनके मुताबिक, बस से बाहर निकलकर विरोध जारी रखने की कोशिश के दौरान महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनका गला पकड़कर खींचा और धक्का दिया, जिससे वह सीट पर गिर गईं। महिला का दावा है कि इसके बाद उनके चेहरे और कान के पास नाखूनों से खरोंच मारी गई और विरोध करने पर थप्पड़ भी मारा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
धर्मेंद्र कुमार ने भी पुलिस पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
NSUI कार्यकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने भी दावा किया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और अपमानजनक बातें कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकित कसाना नाम के पुलिसकर्मी ने उन्हें अपने नेता को बुलाने की चुनौती दी और कहा कि उन्हें बचाने कोई नहीं आएगा। धर्मेंद्र ने कहा कि वे अन्याय के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों के इन बयानों के बीच मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
राहुल गांधी ने छात्रों से वीडियो सबूत सुरक्षित रखने को कहा
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान युवाओं और छात्रों से प्रदर्शन तथा हिरासत से जुड़े वीडियो सबूत सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मामले में शिकायत दर्ज कराने और आगे की कानूनी कार्रवाई की जिम्मेदारी कांग्रेस संभालेगी। राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि कथित बर्बरता को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने रितु भराल का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट हुई। राहुल गांधी के बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए हैं, जबकि लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही हो सकेगी।
मामले में जांच और पुलिस का पक्ष अहम
NSUI कार्यकर्ताओं के आरोपों ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के साथ व्यवहार और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में दिल्ली पुलिस की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों का बयान, उपलब्ध वीडियो साक्ष्य और किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। आरोपों को जांच से पहले साबित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।






