Supreme Court Orders Barricade Removal: दिल्ली से सभी बैरिकेड्स हटाने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

दिल्ली से सभी बैरिकेड्स हटाने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
प्रतिक्रियाएँ
Neel Saxena

Neel Saxena

0 सेकंड पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

2 घंटे पहले

Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Priya Iyer

Priya Iyer

3 घंटे पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

4 घंटे पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

4 घंटे पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Dev Kapoor

Dev Kapoor

5 घंटे पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

6 घंटे पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Krishna Yadav

Krishna Yadav

7 घंटे पहले

Pehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!

Comments • Reactions • Feedback

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली से बैरिकेड्स हटाने का निर्देश दिया
दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की हिरासत से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने विशेष सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने निर्देश दिया कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, दिल्ली में लगाए गए बैरिकेड्स हटाए जाएं। कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए नागरिकों की आवाजाही सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

 

अवमानना याचिका पर हुई सुनवाई
यह मामला वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश का हवाला दिया गया, जो प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने से संबंधित था। सुनवाई में अदालत ने प्रदर्शन, सार्वजनिक परिवहन और नागरिकों की आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर विचार किया।

 

प्रदर्शन के अधिकार पर कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि नागरिकों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन की प्रक्रिया कानून और पुलिस अधिनियम के दायरे में होनी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि विरोध का अधिकार अपनी जगह है, मगर इसे लागू नियमों के अनुरूप ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

 

दिल्ली पुलिस और संबंधित अधिकारियों को नोटिस
प्रदर्शनकारियों की हिरासत और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस, केंद्रीय गृह सचिव और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए। अदालत के समक्ष यह सवाल भी उठाया गया कि प्रदर्शन के दौरान लोगों की आवाजाही और हिरासत से जुड़े कदम किस तरह उठाए गए। मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है।

 

कपिल सिब्बल ने हिरासत और इंटरनेट सेवाओं का मुद्दा उठाया
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों की हिरासत और निषेधाज्ञा से जुड़े आदेशों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लोगों को ट्रेनों से उतारकर हिरासत में ले रही है। उन्होंने इंटरनेट सेवाओं के निलंबन का मुद्दा भी उठाया और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के अनुराधा भसीन मामले में दिए गए फैसले का उल्लेख किया।

 

शदान फरासत ने प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार पर चिंता जताई
वरिष्ठ अधिवक्ता शदान फरासत ने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा अदालत के सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों को जबरन बसों में ले जाया गया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने निहत्थे बच्चों और छात्रों के साथ मारपीट किए जाने के आरोप भी उठाए। वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिशरण ने भी नागरिकों की शहर में आवाजाही के अधिकार पर चिंता जताई। इन दलीलों पर मामले की सुनवाई के दौरान विचार किया गया।

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Neel Saxena

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0 सेकंड पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

2 घंटे पहले

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Priya Iyer

Priya Iyer

3 घंटे पहले

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Ananya Sharma

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4 घंटे पहले

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Neha Tripathi

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4 घंटे पहले

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Dev Kapoor

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5 घंटे पहले

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Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

6 घंटे पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Krishna Yadav

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7 घंटे पहले

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