Garba Entry Row: आस्था नहीं तो गरबा पंडाल में न जाएं: विजय शर्मा

आस्था नहीं तो गरबा पंडाल में न जाएं: विजय शर्मा
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Dev Kapoor

Dev Kapoor

0 सेकंड पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Aditya Verma

Aditya Verma

0 सेकंड पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Ravi sinha

Ravi sinha

0 सेकंड पहले

Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Nisha Shah

Nisha Shah

0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

0 सेकंड पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Diya Gupta

Diya Gupta

1 घंटे पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

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आस्था नहीं तो गरबा पंडाल में न जाएं
छत्तीसगढ़ में शारदीय नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों के बीच पंडालों में प्रवेश को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज की अपील पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि मां की आराधना और धार्मिक आस्था से जुड़ा माध्यम है। उनके अनुसार जिन लोगों की गरबा और मां की आराधना में आस्था नहीं है, उन्हें गरबा पंडालों में जाने से बचना चाहिए।

 

सलीम राज के बयान से सौ प्रतिशत सहमत: शर्मा
विजय शर्मा ने कहा कि वह वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के बयान से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने कहा कि गरबा को सामान्य मनोरंजन या इवेंट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि इसका संबंध मां की आराधना से है। डिप्टी सीएम ने आयोजकों से भी धार्मिक भावना और आयोजन के उद्देश्य का सम्मान करने वाली व्यवस्था लागू करने की अपील की।

 

आयोजकों से व्यवस्था लागू करने की अपील
डिप्टी सीएम ने कहा कि गरबा पंडालों में आने वाले लोगों को आयोजन की धार्मिक भावना और आस्था का सम्मान करना चाहिए। उनका कहना है कि जब किसी कार्यक्रम का उद्देश्य मां की आराधना हो, तो उसमें शामिल होने वालों की श्रद्धा भी महत्वपूर्ण है। इसी आधार पर उन्होंने आयोजकों से इस व्यवस्था को लागू करने की अपील की है।

 

सुकमा में बाहरी लोगों की एंट्री पर भी बोले शर्मा
सुकमा जिले के ग्रामीण इलाकों में पंचायतों की ओर से गांवों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने के सवाल पर भी विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून के तहत ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण से जुड़े फैसले लेने का अधिकार है।

 

ग्राम सभा को संस्कृति संरक्षण का अधिकार
विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि पंचायत क्षेत्रों में बाहरी लोगों की आवाजाही पर सामान्य तौर पर प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम सभा निर्णय ले सकती है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए ग्राम सभा को मिले अधिकारों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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Dev Kapoor

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Aditya Verma

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Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Ravi sinha

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Yeh rajneeti ka asli chehra hai.

Nisha Shah

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Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Dhruv Bhatt

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Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Diya Gupta

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1 घंटे पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

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