SC Questions Form 6: SIR घोषणा जोड़ने पर चुनाव आयोग से मांगा जवाब

SIR घोषणा जोड़ने पर चुनाव आयोग से मांगा जवाब
प्रतिक्रियाएँ
Anjali Patil

Anjali Patil

0 सेकंड पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Kunal Rao

Kunal Rao

0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Neha Tripathi

Neha Tripathi

0 सेकंड पहले

Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

0 सेकंड पहले

Yeh news bahut zaroori hai public ke liye.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

1 घंटे पहले

Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

Anjali Patil

Anjali Patil

2 घंटे पहले

Pehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!

Comments • Reactions • Feedback

फॉर्म 6 में बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल
मतदाता पंजीकरण के ऑनलाइन फॉर्म 6 में किए गए बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अदालत ने फॉर्म 6 में किए गए किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। पीठ ने संकेत दिया कि चुनाव आयोग से रिपोर्ट मिलने के बाद यह देखा जाएगा कि फॉर्म में बदलाव किसने किए थे और इसकी जिम्मेदारी किसकी थी।

 

फॉर्म 6 में जोड़ा गया था नया हिस्सा
सुनवाई के दौरान बताया गया कि पहली बार चुनाव आयोग के ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण फॉर्म 6 में एक नया हिस्सा जोड़ा गया था। इसमें नए मतदाता से उसके माता-पिता की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई थी कि क्या वे मतदाता सूची के आखिरी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में शामिल थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार फॉर्म के मूल कानूनी प्रारूप में बदलाव नहीं किया गया था।

 

SIR प्रक्रिया वाले राज्यों में घोषणा हटाई गई
जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां चुनाव आयोग ने अपने ECINET पोर्टल से फॉर्म 6 में जोड़ी गई SIR से संबंधित घोषणा को हटा दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान इसी बदलाव और इसके कानूनी आधार को लेकर सवाल उठाए गए। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म में इस तरह की नई शर्तें जोड़ने का अधिकार नहीं था।

 

कोर्ट ने कहा- किसने किया बदलाव, यह देखेंगे
वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने दलील दी कि फॉर्म 6 में नई शर्तें जोड़कर इसे इस्तेमाल किया गया और इससे नए मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म 6 में किए गए किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की रिपोर्ट आने के बाद अदालत यह देखना चाहेगी कि किसने क्या बदलाव किया।

 

याचिका में बदलाव को बताया गया अनधिकृत
अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि जुलाई 2026 में ECINET पोर्टल पर फॉर्म 6 में डिजिटल तरीके से बदलाव किया गया। याचिका के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को आयुक्त संधू ने इस बदलाव को कथित तौर पर अनधिकृत और गैरकानूनी बताते हुए इसे हटाने का आदेश दिया था। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि कानूनी अधिकार या मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 में संशोधन के बिना फॉर्म में बदलाव किया गया। ये आरोप याचिका में लगाए गए हैं और इस पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

 

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठे सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की भूमिका और SIR प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए गए। पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने भी SIR से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाताओं के अधिकारों को लेकर चिंता जताई है। फिलहाल फॉर्म 6 में बदलाव से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

प्रतिक्रियाएँ
Anjali Patil

Anjali Patil

0 सेकंड पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Kunal Rao

Kunal Rao

0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Neha Tripathi

Neha Tripathi

0 सेकंड पहले

Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

0 सेकंड पहले

Yeh news bahut zaroori hai public ke liye.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

1 घंटे पहले

Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

Anjali Patil

Anjali Patil

2 घंटे पहले

Pehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!

Comments • Reactions • Feedback